प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान सहित सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्रामीण रोजगार, ग्राम विकास और पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से नई योजना की शुरुआत की गई।
‘हर हाथ को काम, हर पेट को रोटी’ का संकल्प
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन की शुरुआत “नमः वेंकटेश्वराय” और “गोविंदा-गोविंदा” के जयकारों के साथ की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी योजना गरीबों और मजदूरों के लिए भगवान का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि हर हाथ को काम और हर पेट को रोटी मिले तथा देश का कोई भी गरीब मजदूर बिना रोजगार के न रहे।
मनरेगा से आगे बढ़ी नई योजना
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, जबकि विकसित भारत-जी राम जी योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि गरीबों के प्रति सरकार की सोच में बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि योजना लागू होने के पहले ही दिन देशभर में लाखों मजदूरों को काम मिला है।
5 साल में 7.5 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के पहले वर्ष में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 95,000 करोड़ रुपए से अधिक होगी। राज्यों के योगदान के साथ कुल वार्षिक व्यय लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपए रहेगा। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर 7.5 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे देश की 2.86 लाख पंचायतों को हर वर्ष औसतन 2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि विकास कार्यों के लिए मिलेगी।
15 दिन में रोजगार, देरी पर बेरोजगारी भत्ता और ब्याज
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजना के तहत किसी भी मजदूर द्वारा काम मांगने के 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा। यदि रोजगार नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर मजदूरों को ब्याज सहित भुगतान का कानूनी प्रावधान किया गया है, जिससे मजदूरों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
चंद्रबाबू नायडू ने बताया ग्रामीण विकास का नया मॉडल
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि 125 दिन की रोजगार गारंटी, खेतों तक सड़क, तालाब, ड्रेनेज और भूमिहीन मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा जैसे कार्यों से गांवों का समग्र विकास होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल मास्टर रोल, आधार आधारित भुगतान, रियल टाइम मॉनिटरिंग और जियो टैगिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी तथा फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
हॉर्टिकल्चर हब बनाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए निवेश की योजना
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि रायलसीमा क्षेत्र को देश का प्रमुख हॉर्टिकल्चर हब बनाने के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई गई है। इसके तहत सिंचाई परियोजनाएं, सड़क संपर्क, वेयरहाउस और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमरावती, पोलावरम, डेटा सेंटर और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से स्वर्ण आंध्र प्रदेश का सपना साकार किया जाएगा।
पवन कल्याण ने शिवराज सिंह चौहान की सराहना की
उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान का 49 वर्षों का सार्वजनिक जीवन किसानों, ग्रामीण भारत और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से आंध्र प्रदेश को ग्रामीण विकास के लिए 12,845 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के राष्ट्रीय शुभारंभ के लिए आंध्र प्रदेश का चयन राज्य के लिए सम्मान की बात है।
कार्यक्रम में विकास कार्यों का अवलोकन
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फार्म पॉन्ड गतिविधि स्थल पर पूजा-अर्चना और ग्राउंड ब्रेकिंग की। दोनों नेताओं ने पौधरोपण किया, “मैजिक ड्रेन” का प्रदर्शन देखा तथा आंध्र प्रदेश की विकास परियोजनाओं और विभिन्न पहलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल, संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। (इनपुट: पीआईबी)


