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आदिवासी प्रतिभा का राष्ट्रीय मंच ‘उद्भव 2025’ का सफल समापन, तीन दिनों में 49 कार्यक्रमों का आयोजन

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के वड्डेश्वरम स्थित केएल विश्वविद्यालय में जनजातीय कार्य मंत्रालय की राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा सोसाइटी (NESTS) द्वारा आयोजित छठे राष्ट्रीय ईएमआरएस सांस्कृतिक, साहित्यिक और कला उत्सव उद्भव 2025 का 5 दिसंबर को सफल समापन हुआ। यह तीन दिवसीय आयोजन 3 से 5 दिसंबर तक एपीटीडब्ल्यूआरईआईएस (गुरुकुलम) की मेजबानी में आयोजित किया गया।

समापन समारोह में आंध्र प्रदेश सरकार की जनजातीय कल्याण एवं महिला एवं बाल कल्याण मंत्री जी. संध्या रानी, समाज कल्याण एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंत्री डॉ. डी.एस. स्वामी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा गुंटूर प्रभारी मंत्री कंडुला दुर्गेश सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समाज कल्याण एवं जनजातीय कल्याण विभाग के सचिव एम.एम. नायक ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

नेताओं और अधिकारियों ने अपने संबोधन में आदिवासी छात्रों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उद्भव जैसा मंच देश की समृद्ध आदिवासी विरासत को सामने लाने, युवाओं में आत्मविश्वास विकसित करने और राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह भव्य आयोजन एनईएसटीएस आयुक्त अजीत कुमार श्रीवास्तव (IRAS) और आंध्र प्रदेश सरकार के सचिव एम.एम. नायक (IAS) के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन सचिव एम. गौतमी (IAS) और उनकी टीमों के समन्वित प्रयासों ने पूरे उत्सव को सुचारू रूप से संचालित किया।

1,558 छात्रों की भागीदारी, 49 कार्यक्रमों में प्रतिभा का प्रदर्शन

इस कार्यक्रम में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 1,558 छात्रों ने भाग लिया। इनमें 524 छात्र और 1,024 छात्राएं शामिल थीं। उनकी भागीदारी को 45 टीम लीडर, 178 एस्कॉर्ट्स, 22 दल प्रबंधक, 22 संपर्क अधिकारी, 10 अधिकारी, 19 एनईएसटीएस अधिकारी और पदाधिकारी, 137 उप-समिति सदस्य, 48 जूरी सदस्य और 60 राज्य अधिकारी और एपीटीडब्ल्यूआरईआईएस अधिकारीगण ने समर्थन दिया।

तीन दिनों में कुल 49 सांस्कृतिक, साहित्यिक, प्रदर्शन और रचनात्मक कला कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें देश के विविध आदिवासी समुदायों की समृद्ध कला और परंपराएं सामने आईं। कार्यक्रम में पहले दिन 18, दूसरे दिन 22 और तीसरे दिन 9 कार्यक्रम शामिल थे जिनमें असाधारण प्रतिभा, सांस्कृतिक गहराई और कलात्मक अभिव्यक्ति का प्रदर्शन हुआ।  

तेलंगाना ने मारी बाज़ी  

समापन समारोह में विभिन्न श्रेणियों के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें तेलंगाना ने समग्र चैम्पियनशिप जीती। उसके बाद क्रमशः झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश का स्थान रहा।
कुल 105 प्रथम, 105 द्वितीय और 105 तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।

राष्ट्रीय कला उत्सव में करेंगे प्रतिनिधित्व

उद्भव 2025 की 12 चयनित श्रेणियों के विजेता आगामी राष्ट्रीय कला उत्सव में पुणे के यशदा केंद्र में ईएमआरएस का प्रतिनिधित्व करेंगे, जहां देशभर की टीमें शामिल होंगी।

आदिवासी छात्रों के सशक्तिकरण का मंच

इस उत्सव ने न केवल आदिवासी छात्रों को राष्ट्रीय मंच दिया, बल्कि आदिवासी कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक नृत्य, रचनात्मक अभिव्यक्तियों और सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के विजन को और मजबूती प्रदान की।

एनईएसटीएस ने कहा कि वह ऐसे मंचों के विस्तार और आदिवासी छात्रों को शिक्षा, संस्कृति और कला के क्षेत्रों में उत्कृष्ट अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

(इनपुट-PIB)