सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को डिजिटल कॉमर्स के जरिए घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने तथा निर्यात के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने IIT मद्रास में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया।
तमिलनाडु के MSME विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण यादव ने कहा कि डिजिटल कॉमर्स भौगोलिक सीमाओं को पार कर MSME की वैश्विक बाजारों तक पहुंच को बदल रहा है। उन्होंने MSME की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
MSME विकास एवं सुविधा कार्यालय, चेन्नई ने IIT मद्रास के एंटरप्रेन्योरशिप सेल के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें MSME, उद्यमी, छात्र, नीति-निर्माता, वित्तीय संस्थान और डिजिटल कॉमर्स विशेषज्ञ शामिल हुए।
सेमिनार में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बदलते स्वरूप और MSME को भौगोलिक सीमाओं से बाहर ग्राहकों तक पहुंचाने में डिजिटल कॉमर्स, तकनीक, नवाचार और बाजार संपर्क की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की गई।
IIT मद्रास के IC&SR के डीन प्रो. मनु संथानम ने नए उत्पादों और तकनीकों के विकास तथा प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में नवाचार और अकादमिक संस्थानों एवं उद्योग के बीच सहयोग की अहमियत बताई।
काउंसिल ऑफ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक हंसराज वर्मा ने कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा मजबूत करने के लिए गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने MSME की बाजार पहुंच बढ़ाने में डिजिटलाइजेशन की भूमिका पर भी जोर दिया।
तकनीकी सत्रों में DGFT, EXIM Bank, ECGC, IIT मद्रास तथा निर्यात और ई-कॉमर्स परामर्श क्षेत्र के विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने निर्यात प्रक्रियाओं, व्यापार वित्त, निर्यात जोखिम प्रबंधन, बाजार पहचान, अंतरराष्ट्रीय भुगतान, अनुपालन, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और ई-कॉमर्स के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी।
MSME मंत्रालय की Procurement & Marketing Support (PMS) Scheme में क्षमता निर्माण के तहत राष्ट्रीय कार्यशालाओं और सेमिनारों का प्रावधान है। इसका उद्देश्य MSME को बाजार पहुंच, पैकेजिंग, आयात-निर्यात प्रक्रियाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बाजार विस्तार से जुड़े अन्य विषयों के बारे में जागरूक करना है।
राष्ट्रीय सेमिनार के जरिए MSME को डिजिटल कॉमर्स और निर्यात के लिए जरूरी जानकारी और विशेषज्ञों तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम ने छात्रों और उभरते उद्यमियों को भी डिजिटल कॉमर्स, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसरों को समझने का मंच दिया।
इनपुटः आईएएनएस


