महाराष्ट्र में स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और निष्पक्ष एवं न्यायसंगत लाभ-बंटवारे को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदमों की श्रृंखला में, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने लगभग 85 जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी) को 5.34 करोड़ रु जारी किए हैं। ये बीएमसी महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा तहसील और बृहन्मुंबई नगर निगम के अंतर्गत विभिन्न नगर और ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आती हैं। यह धनराशि महाराष्ट्र राज्य जैव विविधता बोर्ड के माध्यम से वितरित की जाएगी।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह विज्ञप्ति एक ऐसे मामले के बाद जारी की गई है, जिसमें एक कंपनी ने मिट्टी के सूक्ष्मजीवों – बैसिलस प्रजाति के जीवाणुओं का उपयोग प्रोबायोटिक उत्पाद विकसित करने के लिए किया।
उल्लेखनीय है कि लगभग 15% एबीएस अनुप्रयोग सूक्ष्मजीवों तक पहुं च के लिए हैं, जो एक महत्वपूर्ण तथ्य को रेखांकित करता है- ‘सूक्ष्म ‘ जीव किसानों, स्थानीय समुदायों, बीएमसी और अन्य हितधारकों के लिए ‘ वृहद ‘ लाभ उत्पन्न कर सकते हैं ।
दरअसल, यह पहल एनबीए की इस प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है कि स्थानीय समुदाय, जो जैव विविधता के सच्चे संरक्षक हैं, को मान्यता और उचित एवं न्यायसंगत लाभ प्राप्त हों। ऐसा करके, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण भारत के सतत और समावेशी जैव विविधता प्रबंधन का समर्थनकरता है, जहां संरक्षण के प्रयास समुदाय की समृद्धि और कल्याण में प्रत्यक्ष योगदान देते हैं।
इससे पहले, एनबीए ने महाराष्ट्र में 108 बीएमसी और 7 संस्थानों को 2.56 करोड़ रु से अधिक की राशि जारी की थी। (इनपुट-पीआईबी)


