गुजरात के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण आई आपदा में NDRF ने तेजी से काम करते हुए 67 लोगों को बाढ़ के पानी से सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें 25 महिलाएं और 22 बच्चे शामिल हैं। NDRF की 6वीं बटालियन ने नवसारी जिले के सारिखुरद गांव में सिविल प्रशासन से जानकारी मिलने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अभी भी ऑपरेशन जारी है और फंसे हुए अन्य लोगों को निकालने का काम चल रहा है।
सरकार की सक्रियता
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी खुद नवसारी पहुंचे और मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि रेस्क्यू, राहत, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जन सुरक्षा में कोई भी कमी न रहने दी जाए। राज्य सरकार ने राहत कार्यों को और मजबूत करने के लिए वलसाड जिले में तत्काल 10 सीनियर अधिकारियों को तैनात किया है। वलसाड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में आर्मी, NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार काम कर रही हैं। उमरगाम, वापी, धरमपुर और पारडी तालुका से 500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है।
स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
नवसारी जिले के प्रभारी मंत्री और राज्य वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने डिजास्टर कंट्रोल रूम का दौरा किया। जिला कलेक्टर मनीष गुरवानी ने उन्हें बताया कि दोपहर 2 बजे तक जिले में औसतन 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई। जुज और केलिया डैम ओवरफ्लो हो गए हैं, करीब 250 सड़कें बंद हैं और लगभग 3,000 लोगों को सुरक्षित शेल्टरों में पहुंचाया गया है। मंत्री ने अधिकारियों को राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ-सफाई और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अन्य जिलों में भी रेस्क्यू
तापी जिले के डोलवन तालुका में SDRF ने 11 फंसे ग्रामीणों को बचा लिया। सूरत शहर और जिले में भी इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे सक्रिय हैं। लिंबायत, वराछा और उधना इलाकों से 50 से ज्यादा लोगों को बचाया गया। कुल मिलाकर सूरत शहर में 2,244 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2,603 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।गुजरात सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सभी एजेंसियों को पूर्ण रूप से सक्रिय रखा है। (इनपुट-एजेंसी)


