वजन घटाने और डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली GLP-1 दवाओं को लेकर सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सरकार ने कहा है कि ये दवाएं असरदार जरूर हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की निगरानी के इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है।
GLP-1 दवाएं शरीर में इंसुलिन और ग्लूकागन हार्मोन को नियंत्रित कर ब्लड शुगर संतुलित करती हैं। साथ ही ये भूख कम करती हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।
हालांकि, इनके गलत इस्तेमाल से गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इनमें मतली, चक्कर, पैंक्रियाटाइटिस, किडनी की समस्या और यहां तक कि कुछ मामलों में कैंसर का खतरा भी शामिल है।
सरकार ने बताया कि हाल के समय में इन दवाओं की मांग बढ़ी है और ये मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेलनेस क्लीनिक में आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे जोखिम बढ़ गया है।
इसी को देखते हुए ड्रग कंट्रोलर ने इन दवाओं की बिक्री और प्रचार पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। बिना प्रिस्क्रिप्शन इनका इस्तेमाल रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
10 मार्च 2026 को दवा कंपनियों को भ्रामक विज्ञापन रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा देशभर में 49 जगहों पर जांच की गई और नियम तोड़ने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये दवाएं केवल विशेषज्ञ डॉक्टर जैसे एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर या कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह पर ही ली जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज और मोटापा दोनों ही जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हैं, जिन्हें संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम से काफी हद तक रोका जा सकता है।


