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NEET-UG 2026: वायरल OMR दावों को NTA ने बताया फर्जी, AI से छेड़छाड़ का आरोप

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 के कुछ अभ्यर्थियों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की जा रही OMR उत्तर पुस्तिकाओं और परीक्षा परिणामों से जुड़े दावों को खारिज कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि वायरल हो रही OMR शीटें डिजिटल रूप से तैयार की गई हैं या उनमें एआई से छेड़छाड़ की गई है और उनका आधिकारिक रिकॉर्ड से कोई मेल नहीं है।

NTA ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी कई पोस्ट में बताया कि अवनीश श्रीवास्तव, अभय यादव, लक्ष्य सिंह और आर्या सिंह समेत कई अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की दोबारा जांच की गई। जांच में पाया गया कि एजेंसी द्वारा घोषित अंक पूरी तरह सही हैं और उनमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है।

एजेंसी के अनुसार, अवनीश श्रीवास्तव की मूल OMR शीट उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित है और OMR चैलेंज विंडो के दौरान पंजीकृत ईमेल पर भी भेजी गई थी। NTA ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर उसकी आधिकारिक OMR शीट नहीं है, बल्कि AI या OCR आधारित तकनीक की मदद से उसमें पहचान संबंधी विवरण बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि अवनीश के 337 अंक सही हैं।

अभय यादव के मामले में NTA ने कहा कि अभ्यर्थी ने दावा किया था कि उसने केवल 5 प्रश्न छोड़े थे और उसे 634 अंक मिलने चाहिए थे। लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उसने 180 में से 44 प्रश्न अनुत्तरित छोड़े थे। एजेंसी ने कहा कि उसकी OMR शीट और मूल्यांकन पूरी तरह मेल खाते हैं तथा उसके 164 अंक सही हैं।

लक्ष्य सिंह के संबंध में NTA ने बताया कि वायरल OMR शीट में डिजिटल माध्यम से अतिरिक्त उत्तरों के गोले (बबल) भरे गए हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उसने 180 में से 54 प्रश्न हल किए थे, जिनमें 34 सही और 20 गलत थे, जबकि 126 प्रश्न नहीं किए गए थे। उसके 116 अंक सही पाए गए।

आर्या सिंह के मामले में भी एजेंसी ने कहा कि वायरल OMR शीट में डिजिटल बदलाव किए गए हैं। NTA के मुताबिक, मूल OMR शीट में एक निरीक्षक के हस्ताक्षर का समय 3:45 बजे दर्ज था, जबकि वायरल तस्वीर में इसे बदलकर 2:45 बजे कर दिया गया। एजेंसी ने कहा कि आर्या सिंह के 167 अंक भी सही हैं।

NTA ने स्पष्ट किया कि सभी अभ्यर्थियों की मूल OMR शीट उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित हैं और सोशल मीडिया पर प्रसारित तथाकथित “सही OMR शीट” पूरी तरह फर्जी हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत फर्जी OMR शीट बनाना या उसे प्रसारित करना दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

-(इनपुटःएजेंसी)

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