नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS) ने आज बुधवार को अपना 7वां स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान आदिवासी छात्रों की शिक्षा और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया गया। साल 2019 में जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत स्थापित NESTS, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) के माध्यम से आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
यह कार्यक्रम आकाशवाणी भवन दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य मौजूद रहे। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और EMRS की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि सरकार आदिवासी शिक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दुर्गादास उइके ने सरकार की आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। NCST के अध्यक्ष ने शिक्षा को आदिवासी विकास का आधार बताते हुए कहा कि EMRS इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर 12 छात्रों को उनकी शैक्षणिक और अन्य उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, साथ ही NESTS के उन कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया गया जिन्होंने खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था।
गौरतलब है कि NESTS ने आदिवासी शिक्षा को बेहतर बनाने में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्तमान में EMRS की संख्या 477 हो गई है, जिनमें 1,38,000 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूलों में शिक्षकों और अन्य स्टाफ की संख्या भी बढ़ाकर 9,075 कर दी गई है, जिससे पढ़ाई के माहौल को और बेहतर बनाया जा रहा है। भविष्य में डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की योजना है, ताकि आदिवासी बच्चों को हर संभव सुविधा मिल सके। शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, जिससे वे छात्रों को और बेहतर शिक्षा दे सकें।-(Input With PIB)