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नई फार्मा मार्केटिंग नीति से बढ़ेगी जवाबदेही, डॉक्टरों और कंपनियों के संबंधों पर सख्त निगरानी

केंद्र सरकार ने दवा कंपनियों की विपणन गतिविधियों में पारदर्शिता और नैतिकता सुनिश्चित करने के लिए यूनिफॉर्म कोड फॉर फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज (UCPMP), 2024 के तहत कई नए प्रावधान लागू किए हैं। इन नियमों के तहत फार्मा कंपनियों के लिए एथिक्स कमेटी और एथिक्स ऑफिसर नियुक्त करना अनिवार्य किया गया है।

लोकसभा में एक लिखित उत्तर में रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि 12 अप्रैल 2024 को UCPMP, 2024 अधिसूचित किया गया था, जिसने वर्ष 2015 की आचार संहिता का स्थान लिया। इसके बाद सितंबर 2025 में इसमें संशोधन कर नियमों को और प्रभावी बनाया गया।

उन्होंने बताया कि नई आचार संहिता का उद्देश्य दवा कंपनियों द्वारा अनैतिक विपणन गतिविधियों पर रोक लगाना और दवाओं के जिम्मेदार प्रचार को बढ़ावा देना है। इसके लिए डॉक्टरों और फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाले संपर्क और प्रचार गतिविधियों को स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत लाया गया है।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक दवा कंपनी को फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज एथिक्स कमेटी (ECPMP) का गठन करना होगा तथा एक एथिक्स ऑफिसर नियुक्त करना होगा। साथ ही शिकायतों के निस्तारण और अपील के लिए दो-स्तरीय व्यवस्था भी बनाई गई है।

सरकार ने दवा कंपनियों के लिए यह भी अनिवार्य किया है कि वे आचार संहिता के पालन संबंधी स्व-घोषणा (Self Declaration) प्रस्तुत करें और अपने विपणन पर होने वाले निर्धारित खर्च का विवरण सार्वजनिक करें। कंपनियों को अपने मार्केटिंग खर्च, विशेष रूप से सम्मेलन, सेमिनार और कार्यशालाओं पर किए गए व्यय का वार्षिक विवरण भी निर्धारित पोर्टल पर जमा करना होगा।

नई आचार संहिता के अनुसार, दवा कंपनियां अपने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और अन्य कर्मचारियों की गतिविधियों के लिए भी जवाबदेह होंगी। इसके अलावा कंपनियों द्वारा डॉक्टरों या उनके परिवार के सदस्यों को उपहार, नकद लाभ या आतिथ्य (Hospitality) प्रदान करने पर रोक लगाई गई है।

सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि कंपनियों का स्वतंत्र, यादृच्छिक (Random) या जोखिम-आधारित (Risk-based) ऑडिट कराया जा सकता है, ताकि नियमों के पालन की निगरानी सुनिश्चित हो सके।

मंत्री ने कहा कि इन नए प्रावधानों का उद्देश्य दवा कंपनियों की विपणन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नैतिक बनाना है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में विश्वास और जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी।

-(इनपुटःएजेंसी)