नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज लेंगे शपथ, राष्ट्रपति भवन में सुबह 10 बजे समारोह

सी.पी. राधाकृष्णन आज शुक्रवार को भारत के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति भवन में सी.पी. राधाकृष्णन को पद की शपथ दिलाएंगी। ज्ञात हो, इस महीने की 9 तारीख को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में वे विजयी हुए थे। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को अचानक इस्तीफे के बाद आयोजित किया गया।

उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार को 152 वोटों के अंतर से हराया

राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन ने विपक्ष के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से हराया। राज्यसभा महासचिव और निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने परिणाम घोषित करते हुए बताया कि 781 सांसदों में से 767 ने मतदान किया, जिससे 98.2 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। 

राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन को 452 वोट प्राप्त हुए, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। परिणामों की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को बधाई दी और विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति भारत के संवैधानिक मूल्यों को और मजबूत करेंगे तथा संसदीय संवाद में सकारात्मक योगदान देंगे। 

वहीं उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल का पद छोड़ दिया। राष्ट्रपति ने गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को अपने कर्तव्यों के अतिरिक्त, महाराष्ट्र के राज्यपाल के कार्यों का भी कार्यभार सौंपा है। 

सी.पी. राधाकृष्णन की राजनीतिक यात्रा 

तमिलनाडु के तिरुप्पुर, चंद्रपुरम में जन्मे पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने एक छात्र नेता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। वे आरएसएस जैसे संगठनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे। तब से, उन्होंने राजनीति को जनता की सेवा के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया है। वे कोयंबटूर से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए। 

अपनी ईमानदारी, दूरदर्शिता और बेदाग सार्वजनिक जीवन के लिए जाने जाते हैं सीपी राधाकृष्णन

सीपी राधाकृष्णन झारखंड, तेलंगाना, महाराष्ट्र के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल भी रह चुके हैं। पेशे से कृषक और उद्योगपति, राधाकृष्णन अपनी ईमानदारी, दूरदर्शिता और बेदाग सार्वजनिक जीवन के लिए प्रशंसित हैं। सी.पी. राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के साथ ही इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होने वाले तमिलनाडु के तीसरे नेता भी होंगे।