गोवा की अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण जीएसटी सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों से राज्य के प्रमुख क्षेत्रों-पर्यटन, कृषि, मत्स्य, निर्माण और फार्मास्यूटिकल्स को सीधा लाभ मिलेगा। नए जीएसटी बदलावों के बाद रहने, खाने और यात्रा की लागत 6 से 11 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। इससे गोवा के लगभग 2.5 लाख श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलेगी और राज्य की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।
पर्यटन और परिवहन क्षेत्र में यह बदलाव सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है। गोवा की जीडीपी में पर्यटन का हिस्सा करीब 16.43 प्रतिशत है, जहां लगभग 2.5 लाख लोग कार्यरत हैं। अब होटल और रेस्तरां उद्योग में टॉयलेटरीज, टेबलवेयर और नाश्ते से जुड़ी वस्तुओं पर जीएसटी 18 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे इन उत्पादों की कीमतों में लगभग 11 प्रतिशत की कमी आएगी। वहीं, पैक्ड टेंडर नारियल पानी पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कीमतों में करीब 6.25 प्रतिशत की गिरावट होगी। इन सुधारों से छोटे विक्रेताओं, रेस्तरां मालिकों और स्थानीय उद्यमियों की आमदनी में वृद्धि होगी।
ऑटो, टैक्सी और बाइक रेंटल सेवाओं के क्षेत्र में भी राहत दी गई है। छोटे वाहनों (1200 सीसी तक) और बाइकों (350 सीसी तक) पर जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है, जिससे इनकी ऑन-रोड कीमत लगभग 7.8 प्रतिशत कम होगी। इससे गोवा के करीब 40,000 टैक्सी और रेंटल ऑपरेटरों को फायदा मिलेगा। फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भी कई इनपुट्स और सेवाओं पर जीएसटी 18 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। गोवा की फार्मा इंडस्ट्री राज्य के कुल निर्यात का 51 प्रतिशत हिस्सा है और करीब 75,000 लोगों को रोजगार देती है। इस कदम से दवाओं की कीमतें लगभग 11 प्रतिशत तक घटेंगी।
कृषि और मत्स्य क्षेत्र में भी सुधार लागू किए गए हैं। गोवा की प्रसिद्ध जीआई टैग वाली फसलें काजू, खोला मिर्च, हरमल मिर्च, मोइरा केला, अगासीम बैंगन और सत शिरो भेंडी अब सस्ती मिलेंगी। प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कीमतों में 6 से 11 प्रतिशत तक की गिरावट आएगी। इससे ग्रामीण स्व-सहायता समूहों (SHGs) और महिला उद्यमियों को बड़ी मदद मिलेगी। वहीं, निर्माण क्षेत्र में सीमेंट पर जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे हर सीमेंट बैग पर ₹25 से ₹30 की बचत होगी। फिशरीज और सीफूड उद्योग में भी मछली पकड़ने के उपकरणों और फीड पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है, जिससे मछुआरों और नाविकों की उत्पादन लागत कम होगी।-(PIB)


