भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (दिल्ली-जयपुर खंड) के मनोहरपुरा टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) आधारित टोलिंग प्रणाली शुरू कर दी है। इससे पहले 19 जून 2026 को एनएचएआई ने दौलतपुरा टोल प्लाजा पर राजस्थान की पहली एमएलएफएफ टोलिंग प्रणाली लागू की थी।
शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर भी होगी शुरुआत
एनएचएआई ने बताया कि मनोहरपुरा के बाद दिल्ली-जयपुर खंड पर यातायात को और सुगम बनाने के लिए शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर भी जल्द एमएलएफएफ प्रणाली शुरू की जाएगी। इस पहल से डिजिटल राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना को और मजबूती मिलेगी।
बिना रुके होगा टोल भुगतान
एमएलएफएफ प्रणाली में बैरियर-रहित टोलिंग व्यवस्था अपनाई गई है। इसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) तकनीक को फास्टैग (FASTag) आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के साथ जोड़ा गया है। इससे न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ वाहनों से स्वत: टोल शुल्क वसूला जाएगा और टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।
समय और ईंधन की होगी बचत
एनएचएआई के अनुसार, इस प्रणाली से वाहनों की प्रतीक्षा अवधि लगभग समाप्त हो जाएगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और टोल प्लाजा पर वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। यह पहल नागरिक-केंद्रित सेवाएं और कारोबार में सुगमता बढ़ाने के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है।
फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस रखना होगा जरूरी
एमएलएफएफ प्रणाली के तहत वाहन चालकों को अपने फास्टैग खाते में पर्याप्त शेष राशि बनाए रखना आवश्यक होगा। यदि फास्टैग में बैलेंस कम है, फास्टैग अमान्य है या खराब है, तो संबंधित वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी किया जाएगा। ई-नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर सामान्य टोल शुल्क जमा करना होगा। निर्धारित समय के बाद भुगतान नहीं करने पर सामान्य टोल दर का दोगुना शुल्क वसूला जाएगा।
ई-नोटिस का ऑनलाइन होगा भुगतान
वाहन मालिक ई-नोटिस का भुगतान एनएचएआई के पोर्टल और ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप के माध्यम से कर सकेंगे। एनएचएआई का कहना है कि एमएलएफएफ प्रणाली से टोल संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी, टोल प्लाजा के संचालन की लागत कम होगी और देशभर में टोलिंग व्यवस्था अधिक कुशल बनेगी। (इनपुट: पीआईबी)


