भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्त वर्ष 2025 में एनएचएआई ने कुल 5,614 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया, जो तय लक्ष्य 5,150 किलोमीटर से भी अधिक है।
इसके अलावा, एनएचएआई ने एक वित्त वर्ष में अब तक का सबसे अधिक पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) किया। वित्त वर्ष 2024-25 में सड़क निर्माण और विकास पर कुल 2.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो पिछले साल के 2.07 लाख करोड़ रुपये से 21% ज्यादा है। यह व्यय सरकार की बजटीय सहायता और एनएचएआई के अपने संसाधनों से किया गया।
एनएचएआई ने धन जुटाने के लिए तीन मुख्य तरीकों – टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी), इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आईएनवीआईटी) और टोल सिक्योरिटाइजेशन का इस्तेमाल किया। इन माध्यमों से प्राधिकरण ने 2024-25 में कुल 28,724 करोड़ रुपये जुटाए। खास बात यह रही कि आईएनवीआईटी के एक राउंड में अब तक की सबसे बड़ी 17,738 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई।
सड़क नेटवर्क की मजबूती से आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
एनएचएआई के अनुसार, इन राजमार्ग परियोजनाओं से देश के सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलेगी, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स न केवल यात्रा को आसान बनाएंगे, बल्कि लॉजिस्टिक्स और व्यापार को भी गति देंगे।
इसके अलावा, एनएचएआई की सहयोगी संस्था नेशनल हाईवे इंफ्रा ट्रस्ट (एनएचआईटी) ने भी बड़ी सफलता हासिल की है। मार्च 2025 में एनएचआईटी ने 18,380 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी मोनेटाइजेशन डील पूरी की, जिससे अब तक चार चरणों में जुटाई गई कुल राशि 46,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।-(Input With IANS)