राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ देशव्यापी अभियान तेज कर दिया है। यह पहल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में शुरू की गई है और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित, सुगम और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है।
NHAI के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वाहनों की अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियमित गतिविधियां न केवल यातायात को प्रभावित करती हैं, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए NHAI ने विभिन्न राज्यों में अवैध पार्किंग वाले 595 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है। इन स्थानों की भौगोलिक जानकारी (लॉन्गिट्यूड और लैटीट्यूड) भी तैयार की गई है। प्राधिकरण राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर इन स्थानों से अवैध पार्किंग हटाने की कार्रवाई कर रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों से अतिक्रमण हटाने के लिए NHAI ने ‘कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवेज (लैंड एंड ट्रैफिक) एक्ट, 2002’ के तहत विशेष अभियान शुरू किया है। साथ ही संस्थागत समन्वय को मजबूत करने के लिए राज्य सरकारों के सहयोग से जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स गठित करने और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
ये तंत्र राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा संबंधी मुद्दों की निगरानी, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए NHAI ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के सभी उपकरणों का तत्काल ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरे, वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम, स्पीड डिटेक्शन सिस्टम, वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड और इमरजेंसी कॉल बॉक्स जैसी सुविधाओं को पूरी तरह चालू रखने पर जोर दिया गया है।
इसके अलावा एम्बुलेंस और रिकवरी वाहनों की उपलब्धता, हाईवे पेट्रोलिंग को मजबूत करना, ATMS अलर्ट को प्रवर्तन एजेंसियों से जोड़ना और सुरक्षा अवसंरचना के नियमित रखरखाव को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।
NHAI का कहना है कि यह अभियान देशभर में यात्रियों और माल परिवहन की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
-पीआईबी


