एनएचआरसी का ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम संपन्न, मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने पर जोर

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का दो सप्ताह का ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। 3 अगस्त 2026 से शुरू हुए इस कार्यक्रम को देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त 2,036 आवेदनों में से चयनित विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले 96 विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक पूरा किया।

समाज के व्यापक हित में ज्ञान का उपयोग करें : सयानी

समापन समारोह में एनएचआरसी सदस्य विजया भारती सयानी ने इंटर्न को कार्यक्रम पूरा करने पर बधाई दी और उनसे समाज के व्यापक हित में अपने ज्ञान तथा कौशल का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों में सेवा का विशेष महत्व है। सेवा केवल दान या सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के व्यापक हित के प्रति समर्पण की भावना है।

मानवाधिकारों के पीछे होती है मानवीय कहानी

सयानी ने कहा कि मानवाधिकार अंततः लोगों से जुड़े हैं। प्रत्येक फाइल और मानवाधिकार उल्लंघन की हर घटना के पीछे एक मानवीय कहानी होती है, जिसे सुना और समझा जाना जरूरी है। उन्होंने इंटर्न से मानवाधिकारों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ समझने की अपील की।

जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान

एनएचआरसी सदस्य ने इंटर्न से जिम्मेदार नागरिक बनने और अपने पेशे की परवाह किए बिना समाज के व्यापक हित में अपने ज्ञान तथा कौशल का इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों का पालन करना प्रत्येक पीढ़ी की जिम्मेदारी है।

ज्ञान से दूसरों के लिए अवसर पैदा करें

विजया भारती सयानी ने भगवद्गीता, स्वामी विवेकानंद और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए इंटर्न से अपने ज्ञान के माध्यम से दूसरों को शिक्षित करने और उनके लिए नए अवसर सृजित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

विकास का अर्थ मानव गरिमा भी

उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि और बेहतर बुनियादी ढांचा नहीं है। विकास के साथ मानव गरिमा, न्याय, समानता और समावेशिता को बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं से इन मूल्यों को अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

विशेषज्ञों से संवाद का मिला अवसर

इससे पहले एनएचआरसी की संयुक्त सचिव सैडिंगपुई छकचुआक ने इंटर्नशिप कार्यक्रम का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इंटर्न को एनएचआरसी के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, कोर ग्रुप के सदस्यों और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा

संयुक्त सचिव ने उम्मीद जताई कि इंटर्नशिप से विद्यार्थियों की मानवाधिकारों को लेकर समझ और अधिक व्यापक हुई होगी। उन्होंने पुस्तक समीक्षा, समूह शोध परियोजना प्रस्तुति और भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की भी घोषणा की।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समापन कार्यक्रम में एनएचआरसी के संयुक्त सचिव समीर कुमार, उप सचिव विनीता ओट्टापुरक्कल कल्लाडा और आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को मानवाधिकारों के विभिन्न पहलुओं को समझने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को लेकर जागरूक होने का अवसर मिला। (इनपुट: पीआईबी)