50% टैरिफ विवाद: निक्की हेली ने ट्रंप को चेताया, भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ का उन्हीं की पार्टी की नेता और दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने विरोध किया है। इसी सिलसिले में निक्की हेली ने ट्रंप टैरिफ की खामियां गिनाई हैं। इसे लेकर उन्होंने तर्क दिया है कि टैरिफ नीति से भारत-अमेरिका के वर्षों से चले आ रहे मजबूत संबंध प्रभावित होंगे। इस स्थिति के लिए उन्होंने एक शब्द इस्तेमाल किया है- काउंटर प्रोडक्टिव यानि इसका प्रतिकूल असर यूएस पर पड़ सकता है। अमेरिका को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भारत विरोधी नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक साझेदार

निक्की ने तर्क दिया है कि भारत को एक विरोधी की तरह नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक साझेदार के रूप में देखा जाना चाहिए। न्यूज़वीक में प्रकाशित अपने लेख में हेली ने कहा कि भारत के साथ संबंधों को पटरी पर लाना चीन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए बेहद जरूरी है। 

चीन को छूट, भारत पर सख्ती क्यों ?

निक्की हेली ने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाना और उसे कमजोर करने की कोशिश बड़ी गलती होगी। उन्होंने कहा कि भारत का विकास सभी के लिए एक मौके की तरह है। यह चीन की तरह खतरनाक नहीं है। चीन रूस से तेल खरीदने के बावजूद अमेरिका के कड़े प्रतिबंध से बचा हुआ है। उन्होंने कहा, “भारत की भारी रूसी तेल खरीद को निशाना बनाकर ट्रंप का कदम सही है,” लेकिन साथ ही चेताया कि भारत को साझेदार के बजाय दुश्मन की तरह देखना “एक बड़ी—और रोकी जा सकने वाली—गलती होगी।”

ज्ञात हो इस संबंध में हेली ने 6 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर ट्रंप प्रशासन की नीति की आलोचना की थी, जिसमें भारत पर रूस से तेल खरीद के लिए टैरिफ लगाया गया, जबकि चीन, जो रूस और ईरान का प्रमुख तेल खरीदार है, को 90 दिनों की छूट दी गई। उन्होंने लिखा, “चीन को खुली छूट देकर भारत जैसे मजबूत सहयोगी को दंडित करना गलत है।”

48.2 अरब डॉलर के निर्यात पर असर

ट्रंप प्रशासन ने 7 अगस्त से 25% टैरिफ लागू किया और 27 अगस्त से अतिरिक्त 25% टैरिफ की घोषणा की, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के प्रभाव से संबंधित एक प्रश्न के संबंध में लोकसभा में एक लिखित उत्तर में, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि भारत के लगभग 48.2 अरब डॉलर के व्यापारिक निर्यात पर अतिरिक्त टैरिफ लागू होंगे। भारत ने इस कदम को “अनुचित और अन्यायपूर्ण” करार दिया है।

भारत की रणनीतिक भूमिका

हेली ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, युवा कार्यबल, और आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में भारत के बढ़ते सहयोग और मध्य पूर्व में स्थिरता लाने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण बताया। हेली ने कहा कि भारत का उदय चीन की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। 

रणनीतिक गलती से बचने की अपील

हेली ने चेतावनी दी कि भारत के साथ 25 वर्षों की प्रगति को नुकसान पहुंचाना एक “रणनीतिक आपदा” होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रंप प्रशासन को भारत के साथ सीधी बातचीत कर इस विवाद को सुलझाना चाहिए और संबंधों को मजबूत करने के लिए अधिक संसाधन और ध्यान देना चाहिए। यह विवाद क्वाड गठबंधन और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को भी प्रभावित कर सकता है। (इनपुट-एजेंसी)

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