नीति आयोग ने भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक विस्तृत नीति रिपोर्ट जारी की है।
‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया: टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी एन्हांसमेंट’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट को निधि छिब्बर ने जारी किया।
रिपोर्ट में बीते एक दशक के दौरान देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन किया गया है। इसमें पहुंच और नामांकन, आधारभूत ढांचा, समानता, समावेशन और शिक्षण परिणाम जैसे प्रमुख पहलुओं का विश्लेषण शामिल है।
रिपोर्ट में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 13 प्रमुख सिफारिशें दी गई हैं। इनमें स्कूल संरचना में सुधार, आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना, प्रशासनिक क्षमता निर्माण, शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण में सुधार, डिजिटल शिक्षा का विस्तार तथा समान और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना शामिल है।
शैक्षणिक स्तर पर रिपोर्ट में शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव, प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने, व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण नवाचार को अपनाने पर जोर दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में से एक है। वर्तमान में देश में 14.71 लाख स्कूल हैं, जहां 24.69 करोड़ से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
अध्ययन में बताया गया कि स्कूलों में बिजली, शौचालय और समावेशी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके साथ ही कंप्यूटर, इंटरनेट और स्मार्ट कक्षाओं जैसी डिजिटल सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार हुआ है।
रिपोर्ट में लड़कियों की शिक्षा और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के नामांकन में बढ़ोतरी को भी सकारात्मक उपलब्धि बताया गया है।
यह रिपोर्ट केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर लागू किए जाने वाले 33 क्रियान्वयन मार्ग भी सुझाती है, जिन्हें अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक चरणों में विभाजित किया गया है।
-आईएएनएस


