एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (NSL), भारत का सबसे युवा एकीकृत इस्पात संयंत्र, ने नवंबर 2025 में अपनी मूल्य-श्रृंखला में कई अभूतपूर्व परिचालन उपलब्धियां दर्ज करते हुए नया इतिहास रचा। प्रक्रिया-स्थिरता, परिचालन उत्कृष्टता और क्षमता उपयोग में निरंतर बढ़ोतरी ने कंपनी को कई क्षेत्रों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन हासिल करने में मदद की।
कच्चा माल हैंडलिंग और सिंटर उत्पादन में रिकॉर्ड
नवंबर महीने में रॉ मटेरियल हैंडलिंग सिस्टम (RMHS) ने 21 नवंबर को एक दिन में 616 वैगन की टिपलिंग कर नया रिकॉर्ड बनाया। संयंत्र ने 5,18,886 टन का सर्वाधिक मासिक बेस मिक्स उत्पादन भी दर्ज किया।
सिंटर प्लांट ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जहां 30 नवंबर को 15,590 टन का एक-दिवसीय रिकॉर्ड और 4,14,271 टन का मासिक उत्पादन हासिल किया गया। यह रेटेड क्षमता के 105% से अधिक पर संचालन का प्रतीक है।
ब्लास्ट फर्नेस में दक्षता का नया स्तर
28 नवंबर को ब्लास्ट फर्नेस ने 11,315 टन का रिकॉर्ड हॉट मेटल उत्पादन कर 119% क्षमता उपयोग हासिल किया। मासिक हॉट मेटल उत्पादन 2,80,049 टन रहा, जो 101% क्षमता उपयोग से अधिक है।
एनएसएल ने बर्डन में केवल सिंटर और अयस्क का उपयोग करते हुए 519 किलोग्राम प्रति टन की अपनी सबसे कम मासिक औसत ईंधन दर दर्ज की, जो देश में सर्वोत्तम स्तरों में शामिल है। साथ ही हॉट मेटल के लिए 164 किलोग्राम प्रति टन की सर्वाधिक मासिक पीसीआई दर भी हासिल की गई।
स्टील मेल्टिंग शॉप और हॉट स्ट्रिप मिल में सर्वश्रेष्ठ आउटपुट
स्टील मेल्टिंग और रोलिंग सेगमेंट में भी नवंबर ऐतिहासिक रहा। कंपनी ने
- 2,03,356 टन HR कॉइल (अब तक का सर्वाधिक),
- 2,09,445 टन क्रूड इस्पात,
- 2,15,010 टन तरल इस्पात उत्पादन दर्ज किया।
इन क्षेत्रों में क्षमता उपयोग क्रमशः 84%, 85% और 86% से अधिक रहा। कनवर्टर लाइनिंग लाइफ 4,799 हीट तक पहुंचकर एक नया रिकॉर्ड बना। साथ ही दो नए स्टील ग्रेड IS 2062 E450BR और IS 2062 E350C का सफल वाणिज्यिक उत्पादन भी शुरू किया गया, जिससे निर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारी इंजीनियरिंग क्षेत्रों के लिए उत्पाद पोर्टफोलियो मजबूत हुआ।
लागत दक्षता और तकनीकी उपलब्धियां
ऑक्सीजन प्लांट में ऑप्टिमाइज्ड संचालन के कारण सिंगल प्लांट टर्नडाउन मोड में काम करते हुए लगभग ₹1.9 करोड़ की बिजली लागत बचत हुई।
ब्लास्ट फर्नेस (पैकेज 05) और टर्बो ब्लोअर (पैकेज 10A) के पीजी टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे हुए। इसके साथ ही IS 2041:2024 और IS 2062 E450BR के लिए बीआईएस लाइसेंस भी प्राप्त हुए।
प्रबंधन की टिप्पणी
सभी इकाइयों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए CMD अमिताभ मुखर्जी ने कहा, “लगातार रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धियां हमारी टीम के समर्पण और अनुशासन को दर्शाती हैं। भारत एक वैश्विक इस्पात पावरहाउस बनने की ओर तेजी से अग्रसर है, और एनएसएल तकनीकी दक्षता, विस्तृत उत्पाद पोर्टफोलियो और राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता के साथ देश की इस्पात यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”
(इनपुट- PIB)


