16/06/26 | 1:46 pm | E20 | वाहन बीमा

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E20 ईंधन के उपयोग से वाहन बीमा पर कोई असर नहीं, सोशल मीडिया दावे फर्जी: सरकार

केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि E20 ईंधन (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के उपयोग से वाहन बीमा दावों को अस्वीकार किया जा सकता है।

पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया। यूनिट ने स्पष्ट किया कि E20 ईंधन का इस्तेमाल करने वाले वाहनों की मोटर बीमा पॉलिसियां पूरी तरह वैध हैं और इससे बीमा दावों के निपटारे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

सरकार की यह सफाई ऐसे समय में आई है, जब सोशल मीडिया पर कई पोस्टों में दावा किया जा रहा था कि E20 ईंधन इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों को बीमा कवरेज या क्लेम से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि E20 ईंधन के उपयोग से मोटर बीमा पॉलिसी की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी जानकारी को साझा करने या उस पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि अवश्य करें।

इसके साथ ही यूनिट ने नागरिकों से भ्रामक और झूठी सूचनाओं के प्रसार को रोकने में सहयोग करने तथा संदिग्ध सामग्री की रिपोर्ट करने का आग्रह भी किया।

इस बीच, केपीएमजी इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत का एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम बड़े स्तर पर सफल रहा है और E20 ईंधन अब देशभर में उपलब्ध कराया जा चुका है।

रिपोर्ट में E20 से आगे बढ़ने की संभावनाओं और चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें कच्चे माल की उपलब्धता, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता, बुनियादी ढांचे की तैयारी और नीतिगत समन्वय जैसे मुद्दे शामिल हैं।

केंद्र सरकार लंबे समय से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर सरकार ने E85 ईंधन भी लॉन्च किया था। भारतीय ऑयल के एक रिटेल आउटलेट से इसकी शुरुआत की गई, जो व्यापक विस्तार योजना का पहला चरण है।

फिलहाल E85 ईंधन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के 48 पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध है। सरकार की योजना दिसंबर 2026 तक इसे 500 आउटलेट्स और दिसंबर 2027 तक लगभग 5,000 आउटलेट्स तक पहुंचाने की है।

-(इनपुटःएजेंसी)