सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शुक्रवार को कहा कि बाजार नियामक फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) सेंगमेंट में किसी भी बदलाव को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा, साथ ही कहा कि नियामक वीकली F&O एक्सपायरी को समाप्त करने पर कोई विचार नहीं कर रहा है।
सेबी प्रमुख ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हम वीकली F&O एक्सपायरी को समाप्त नहीं कर सकते हैं, क्योंकि बाजार के कई प्रतिभागी इसका सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं।
F&O ट्रेडिंग पैटर्न के व्यापक बाजार प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए, सेबी प्रमुख ने कहा कि नियामक अब इन पैटर्नस पर बड़ी मात्रा में डेटा एकत्र कर रहा है और उसका विश्लेषण कर रहा है, और आगे बढ़ने से पहले इसे कंसल्टेशन पेपर के रूप में जारी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सेबी ने डेरिवेटिव सेक्टर में कुछ उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनमें से कुछ अभी तक प्रभावी नहीं हुए हैं।
इससे पहले, कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि बाजार नियामक कैश मार्केट में कारोबार बढ़ाने और बाजार में सट्टेबाजी को कम करने के लिए वीकली F&O एक्सपायरी को समाप्त करना चाहता है।
इसके अतिरिक्त, सेबी ने इक्विटी कैश मार्केट में वैकल्पिक टी+0 रोलिंग सेटलमेंट के लिए आवश्यक प्रणालियों और प्रक्रियाओं को लागू करने हेतु क्वालिफाइड स्टॉक ब्रोकरों (क्यूएसबी) के लिए समय सीमा बढ़ा दी थी।
सेबी के सर्कुलर के अनुसार, “क्यूएसबी द्वारा 1 नवंबर, 2025 तक या उससे पहले प्रणालियों की समय पर तैयारी सुनिश्चित करने में सामने लाई गई चुनौतियों और सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए समय सीमा बढ़ाने के अनुरोध पर विचार करते हुए, वैकल्पिक टी+0 सेटलमेंट चक्र में निवेशकों की निर्बाध भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रणालियों और प्रक्रियाओं को लागू करने हेतु क्यूएसबी के लिए समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।”
बाजार नियामक ने कहा है कि संशोधित समय-सीमा बाद में साझा की जाएगी जिससे ब्रोकरों को वैकल्पिक टी+0 सेटलमेंट चक्र में निवेशकों की सुचारू भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
(इनपुट-आईएएनएस)


