केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत को देश का अगला केसर उत्पादन केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के मिशन केसर के तहत 2021 से सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में केसर की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में, अरुणाचल प्रदेश के मेंचुका और सिक्किम के युक्सोम में बड़े पैमाने पर केसर की खेती हो रही है। जल्द ही इसे नागालैंड और मणिपुर तक फैलाने की योजना है। इससे यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के पंपोर के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा केसर उत्पादक क्षेत्र बन सकता है।
सरकार इस योजना के तहत बंजर भूमि का उपयोग करके कृषि क्षेत्र का विस्तार कर रही है, जिससे मौजूदा फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने के लिए शिलॉन्ग में नॉर्थ ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन एंड रीच (NECTAR) के स्थायी परिसर की आधारशिला भी रखी गई। यह संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत 2014 में स्थापित किया गया था। मंत्री सिंह ने कहा कि यह संस्थान आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देने के सरकार के बड़े लक्ष्य से जुड़ा है।
NECTAR कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें पूर्वोत्तर में केसर की खेती, जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर की खेती को बढ़ावा, ‘स्वामित्व’ योजना के तहत ड्रोन तकनीक से जमीन की मैपिंग और बांस व शहद उत्पादन में तकनीकी सुधार शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर NECTAR को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनानी है, तो उसे किसी एक खास क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करनी होगी, ठीक वैसे ही जैसे आईआईटी और अन्य प्रमुख संस्थान अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञ बन गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पिछले 10 वर्षों में यहां आधारभूत ढांचे और तकनीक के क्षेत्र में जबरदस्त सुधार हुए हैं। पहले जहां इस क्षेत्र में सड़क, रेलवे और हवाई संपर्क की समस्या थी, वहीं अब कनेक्टिविटी बेहतर होने से आर्थिक और वैज्ञानिक विकास संभव हो पाया है।