NSA अजीत डोभाल ने हनोई में वियतनाम के रक्षा मंत्री से की मुलाकात, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने सोमवार को हनोई में वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने चल रहे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा की और इस क्षेत्र में आपसी जुड़ाव को और गहरा करने पर सहमति जताई। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने ‘X’ पर पोस्ट कर इस बैठक की जानकारी दी। दूतावास के अनुसार, दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग में हुई प्रगति पर चर्चा की और संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया।

https://x.com/AmbHanoi/status/2117109897355813031?a=kQWaq0ug70zlLrrRQwY&s=20

आधिकारिक यात्रा पर हनोई पहुंचे डोभाल

NSA अजीत डोभाल रविवार को वियतनाम की आधिकारिक यात्रा पर हनोई पहुंचे। अपनी इस यात्रा के दौरान वे वियतनामी नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। इन चर्चाओं में दोनों देशों के बीच ‘एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ (विस्तृत व्यापक रणनीतिक साझेदारी) की समीक्षा भी शामिल होगी। भारतीय दूतावास ने स्वागत संदेश में लिखा, “वियतनाम में आपका स्वागत है! भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एक आधिकारिक यात्रा पर हनोई पहुंचे हैं।”

संबंधों को मिला नया दर्जा

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब मई 2026 में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान भारत-वियतनाम संबंधों को ‘विस्तृत व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया था। उस मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तो लाम ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की तथा क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए। दोनों नेताओं ने जोर दिया कि मजबूत संबंध दोनों देशों की जनता के लिए फायदेमंद होंगे और भारत के ‘विकसित भारत 2047’ तथा वियतनाम के ‘विज़न 2045’ जैसे राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देंगे। उन्होंने ‘भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी के लिए 2030 तक के संयुक्त विज़न स्टेटमेंट’ के प्रभावी क्रियान्वयन की भी सराहना की। यह दस्तावेज दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के विस्तार के लिए मार्गदर्शन का काम कर रहा है।

हालिया सुरक्षा संवाद

पिछले महीने नई दिल्ली में भारत और वियतनाम ने अपने ‘सुरक्षा संवाद’ का चौथा संस्करण आयोजित किया था। इसमें आतंकवाद-रोधी प्रयासों, साइबर सुरक्षा, समुद्री सहयोग, आर्थिक सुरक्षा और उभरती तकनीकों में आपसी सहयोग की समीक्षा की गई। इस संवाद की सह-अध्यक्षता भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पवन कपूर और वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा उप मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल फाम थे तुंग ने की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की व्यापक समीक्षा की और क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा माहौल पर अपने विचार साझा किए। यह संवाद हर दो साल में एक बार आयोजित होता है और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय तथा वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय के बीच 2016 में हुए सहयोग समझौते के तहत चलता है। दोनों देशों के बीच सुरक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सहयोग बना हुआ है। NSA डोभाल की यह यात्रा भारत-वियतनाम रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। (इनपुट-एजेंसी)