एनएसई और आईजीएक्स मिलकर लॉन्च करेंगे इंडियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) और इंडियन गैस एक्सचेंज (आईजीएक्स) भारत में इंडियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने के लिए आपसी बातचीत कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य देश के प्राकृतिक गैस बाजार को और अधिक मजबूत व संगठित बनाना है।

जोखिम प्रबंधन के लिए मिलेगा पारदर्शी और सरल विकल्प

शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में एक्सचेंज ने बताया कि प्रस्तावित फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट से बाजार में काम करने वाले प्रतिभागियों को जोखिम से बचाव का एक स्पष्ट और सरल माध्यम मिलेगा। यह कॉन्ट्रैक्ट भारत में प्राकृतिक गैस की बदलती कीमत तय करने की व्यवस्था के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा।

एनएसई की डेरिवेटिव विशेषज्ञता और आईजीएक्स का बाजार नेतृत्व

एनएसई ने कहा कि यह साझेदारी उसकी डेरिवेटिव मार्केट में गहरी विशेषज्ञता को स्पॉट नेचुरल गैस ट्रेडिंग, मूल्य निर्धारण और फिजिकल मार्केट के विकास में आईजीएक्स के नेतृत्व के साथ जोड़ेगी। इससे गैस बाजार के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद इकोसिस्टम तैयार होगा।

विभिन्न क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

बयान में कहा गया कि इस नए फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट से गैस उत्पादकों, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों, बिजली उत्पादकों, उर्वरक कंपनियों, औद्योगिक उपभोक्ताओं, व्यापारियों और वित्तीय निवेशकों को लाभ होगा। इससे वे गैस की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से खुद को सुरक्षित रख सकेंगे और भविष्य की बेहतर योजना बना सकेंगे।

ऊर्जा जरूरतों में प्राकृतिक गैस की बढ़ती भूमिका

एनएसई के मुख्य व्यापार विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि यह साझेदारी भारत के कमोडिटी डेरिवेटिव मार्केट्स को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक गैस भारत की ऊर्जा जरूरतों में एक महत्वपूर्ण ईंधन के रूप में तेजी से उभर रही है।

कीमतों में पारदर्शिता और भरोसेमंद मूल्य निर्धारण पर जोर

उन्होंने आगे कहा कि देश में शुरू होने वाला यह फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट कीमतों में पारदर्शिता लाएगा, जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाएगा और भारतीय बाजार के अनुरूप गैस की भरोसेमंद कीमत तय करने में मदद करेगा।

ऊर्जा नीति के व्यापक उद्देश्यों से जुड़ी पहल

यह साझेदारी देश की ऊर्जा जरूरतों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने और बाजार आधारित मूल्य निर्धारण तंत्र को बढ़ावा देने जैसे व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है।

नियामकीय मंजूरी के बाद होगी औपचारिक घोषणा

नियामक संस्थाओं से मंजूरी मिलने के बाद एनएसई और आईजीएक्स इस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी और समय-सीमा की घोषणा करेंगे। इसके साथ ही सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से इस कॉन्ट्रैक्ट को सुचारू रूप से लागू किया जाएगा।

गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही सरकार

गौरतलब है कि सरकार पहले ही बिजली उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से नेशनल गैस ग्रिड का विस्तार, तथा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) टर्मिनलों को पावर प्लांट से जोड़ने जैसे कई अहम कदम उठा चुकी है। (इनपुट: आईएएनएस)