नर्सिंग कर्मियों ने सेवा और समर्पण की नई मिसाल कायम की : राष्ट्रपति मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर वर्ष 2026 के राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि नर्सिंग कर्मी सेवा के उच्चतम मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नर्सिंग कर्मियों के योगदान की सराहना

अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि यह अवसर उन नर्सिंग कर्मियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने का है, जो करुणा और अथक समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा करते हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कर्मी अक्सर सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।

पुरस्कार विजेताओं को दी बधाई

राष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार विजेताओं को कर्तव्य के प्रति उनकी प्रेरणादायक निष्ठा और रोगी देखभाल के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के उनके निरंतर प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि नर्सिंग पेशा मानवता और सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है।

1973 में हुई थी पुरस्कार की स्थापना

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1973 में भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा की गई थी। यह पुरस्कार नर्सिंग कर्मियों द्वारा समाज को प्रदान की गई उत्कृष्ट और सराहनीय सेवाओं की मान्यता के प्रतीक के रूप में दिया जाता है। (इनपुट: पीआईबी)