भारत-न्यूजीलैंड FTA साल के अंत तक लागू, 1-2 साल में शुरू होंगी सीधी उड़ानें: न्यूजीलैंड मंत्री टॉड मैक्ले

न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने भरोसा जताया है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) इस साल के अंत तक लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार को तेज गति देने के साथ ही अगले 1-2 साल में सीधी उड़ानों की शुरुआत का रास्ता भी तैयार करेगा। एक साक्षात्कार में टॉड मैक्ले ने FTA को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला “पहला और सबसे अहम कदम” बताया।

FTA से क्या फायदा?

मंत्री ने कहा, “भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA पर हस्ताक्षर करना हमारे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमने सिर्फ नौ महीनों में इस समझौते पर बातचीत पूरी कर ली। समझौते के लागू होते ही भारतीय निर्यातक न्यूजीलैंड को जीरो ड्यूटी पर सामान भेज सकेंगे।” 

उन्होंने बताया कि कृषि मशीनरी, ऑटोमोबाइल, केमिकल्स और कई सेवाओं में भारत से निर्यात बढ़ेगा। वहीं, न्यूजीलैंड के 90-95% निर्यात पर या तो तुरंत टैरिफ खत्म हो जाएगा या अगले 7-8 वर्षों में काफी कम हो जाएगा। दोनों देशों ने 2030 तक 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा है।

सीधी उड़ानें और पर्यटन बढ़ेगा

मैक्ले ने बताया कि एयर इंडिया और एयर न्यूजीलैंड पहले ही सहयोग पर सहमत हो चुके हैं। “अगले एक-दो साल में हम भारत-न्यूजीलैंड के बीच सीधी उड़ानें शुरू होते देखेंगे। इससे पर्यटन भी काफी बढ़ेगा।”

FTA संसद में पास, प्रक्रिया तेज

न्यूजीलैंड की संसद में FTA पहली रीडिंग में भारी बहुमत (93 बनाम 26 वोट) से पास हो चुका है। दोनों सरकारें इसे साल के अंत तक लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पीएम मोदी की यात्रा ऐतिहासिक

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया न्यूजीलैंड यात्रा को “ऐतिहासिक सफलता” बताया। यह 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी। इस दौरान 16 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) का दर्जा दिया गया। व्यापार-आर्थिक सुरक्षा, रक्षा, विज्ञान, जलवायु परिवर्तन, खेल और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

निवेश को बढ़ावा

भारत में न्यूजीलैंड के निवेश के लिए विशेष “प्रायोरिटी डेस्क” बनाने का फैसला स्वागत योग्य है। इससे निवेश प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी मिलेगी। भारतीय कंपनियों की भी न्यूजीलैंड में निवेश करने की रुचि बढ़ रही है।

भविष्य के क्षेत्र

मैक्ले ने डीप टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और इनोवेशन को भविष्य के सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताए। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड अंतरिक्ष क्षेत्र में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सैटेलाइट और रॉकेट लॉन्च करने वाला देश है, जहां भारत के साथ अच्छी संभावनाएं हैं। मंत्री ने न्यूजीलैंड में रह रहे लगभग 3.5 लाख भारतीय मूल के लोगों की भी सराहना की और कहा कि ये लोग अपनी संस्कृति बनाए रखते हुए न्यूजीलैंड के समाज का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। यह FTA और रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के बीच संबंधों को अब तक के सबसे मजबूत दौर में ले जा रही है। (इनपुट-एजेंसी)