ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी पहुंचे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, कहा- ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत प्रतीक

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने गुरुवार को विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भव्य दौरा किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए गौरव और धन्यता का अनुभव व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री मांझी ने इस दौरान स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सजीव प्रतीक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में निर्मित यह स्मारक पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के सपने को साकार करने वाला यह स्मारक राष्ट्रीय एकता का अद्वितीय उदाहरण है।

दौरा और अनुभव

सीएम मांझी ने परिसर में लगी विशाल फोटो प्रदर्शनी गैलरी का भी अवलोकन किया। उन्होंने सरदार पटेल के जीवन प्रसंगों, प्रतिमा निर्माण की यात्रा और भारत के एकीकरण में उनके योगदान को प्रदर्शित करने वाले इस गैलरी की सराहना की।स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के चेयरमैन मुकेश पुरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। मांझी ने आरोग्य वन में आदिवासी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए खट्टी भिंडी के शरबत का स्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मियावाकी वन, वामन वृक्ष वाटिका, लेजर शो और नर्मदा आरती में भाग लिया तथा आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।

सरदार की विरासत और विकास का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने 565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विकसित भारत के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की। मांझी ने कहा, “गुजरात के सर्वांगीण विकास मॉडल से प्रेरणा लेकर मैं ओडिशा में भी विकास के नए आयाम स्थापित करने का संकल्प लेकर लौट रहा हूं।”

इस दौरान उनके साथ उद्योग मंत्री संपदचंद्र स्वैन, मुख्य सचिव अनु गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव साश्वत मिश्रा, जल संसाधन सचिव शुभा शर्मा, पर्यटन सचिव बलवंत सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के चेयरमैन मुकेश पुरी ने मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को सरदार पटेल की प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। (इनपुट-एजेंसी)