प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ओडिशा के गंजाम ज़िले के बरहामपुर से गुजरात के उधना को जोड़ने वाली पहली अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन न केवल दशकों पुरानी मांग को पूरा करती है, बल्कि पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच संपर्क का नया द्वार भी खोलती है।
प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ी राहत
गंजाम ज़िले से करीब 8 से 10 लाख लोग गुजरात के वस्त्र और हीरा उद्योगों में कार्यरत हैं। अब तक इन मजदूरों और उनके परिवारों को ओडिशा से गुजरात पहुंचने के लिए कई ट्रेनों और जटिल कनेक्शनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नई सेवा से उनकी यात्रा सीधे, तेज़ और सुविधाजनक हो गई है, जिससे श्रमिक वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
ओडिशा के ज़िलों को नई कनेक्टिविटी
यह ट्रेन हर रविवार को उधना और हर सोमवार को बरहामपुर से रवाना होगी। रास्ते में यह आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र होते हुए गुज़रेगी। इस रूट से ओडिशा के रायगढ़ा, कालाहांडी, बलांगीर और नुआपाड़ा जैसे ज़िलों को भी बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इससे न केवल प्रवासी कामगारों बल्कि आम यात्रियों को भी सुगमता और नए यात्रा के विकल्प मिलेंगे।
आधुनिक सुविधाएं, किफायती यात्रा
22 डिब्बों वाली अमृत भारत एक्सप्रेस में LHB कोच, बेहतर सीटिंग व्यवस्था और उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें सेकेंड क्लास और स्लीपर दोनों विकल्प हैं, जिससे यह ट्रेन विशेष रूप से मध्यम वर्ग के यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। किफायती किराये में लंबी दूरी की यह यात्रा अब पहले से कहीं अधिक आरामदायक और तेज़ होगी।
क्षेत्रीय विकास को नई गति
यह नई रेल सेवा ओडिशा और गुजरात के बीच न केवल परिवहन का सेतु बनेगी, बल्कि सामाजिक-आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करेगी। इससे ओडिशा के कामगारों की रोज़गार यात्रा सुगम होगी और राज्यों के बीच सांस्कृतिक व आर्थिक आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई यह पहल ओडिशा को कनेक्टिविटी और विकास की नई दिशा देने वाली साबित होगी, और भारतीय रेल की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
-(लेखिका आशिका सिंह का पत्रकारिता जगत में 18 वर्षों का अनुभव है, वर्तमान में वे प्रसार भारती न्यूज सर्विस के साथ जुड़ी हैं)


