प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने उत्तर-पूर्व को नक्शे का कोना नहीं, बल्कि राष्ट्र की धड़कन माना। नवरात्रि के पहले दिन अरुणाचल प्रदेश पहुंचकर उन्होंने भारत के “अष्ट लक्ष्मी” की अवधारणा पेश की और उत्तर-पूर्व को नई पहचान दी। हफ्ते भर में दूसरी बार दौरे पर आए मोदी ने आठों राज्यों को देश की समृद्धि, शक्ति और सांस्कृतिक गौरव का स्तंभ घोषित किया।
नरेंद्र मोदी बने उत्तर-पूर्व राज्यों के सबसे अधिक दौरा करने वाले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर-पूर्व राज्यों का सबसे अधिक दौरा करने वाले प्रधानमंत्री हैं। अब तक वे 70 बार यहां की यात्रा कर चुके हैं। मोदी की पहल पर केंद्रीय मंत्री भी 200 से अधिक बार उत्तर-पूर्व पहुंचे हैं, जबकि कांग्रेस शासन में मंत्री शायद ही कभी यहां आते थे। प्रधानमंत्री ने बताया कि न केवल मंत्रियों ने नियमित दौरे किए, बल्कि वे दूरदराज इलाकों तक गए और वहां रात्रि-विश्राम भी किया।
पीएम मोदी ने उत्तर-पूर्व राज्यों के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातों की घोषणा की
रविवार को अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे उत्तर-पूर्व के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातों की घोषणा की। कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, “जिसे किसी ने पूछा नहीं, उसे हमने पूजा। उत्तर-पूर्व को हमने दिल्ली से जोड़कर देश की मुख्यधारा में लाया।”
कांग्रेस शासन में अरुणाचल को 6 हज़ार करोड़ रुपये मिले, जबकि भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए
कांग्रेस की उपेक्षा पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने वर्षों में अरुणाचल प्रदेश को केंद्रीय करों से केवल 6 हज़ार करोड़ रुपये दिए, जबकि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया। उन्होंने जोड़ा कि केंद्रीय योजनाओं और विशेष प्रोजेक्ट्स के अलग बजट ने इस पूरे क्षेत्र का स्वरूप बदल दिया है।
‘लास्ट विलेज’ को बनाया ‘फर्स्ट विलेज’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकारें कठिन कार्यों से बचती रहीं। सीमावर्ती गांवों को “लास्ट विलेज” मानकर भुला दिया गया, जिससे वहां से लोग पलायन करने लगे। भाजपा सरकार ने इन पिछड़े जिलों को “Aspirational Districts” में बदलते हुए आख़िरी गांव को “First Village” का दर्जा दिया और सड़क, इंटरनेट व बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाईं।
सड़क से लेकर सुरंग तक बने
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता Ease of Living, Ease of Education और Ease of Doing Business है। अरुणाचल प्रदेश में सेला टनल जैसे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है, जिसे कभी सोचना भी कठिन था। उड़ान योजना के तहत नए हेलीपैड बन रहे हैं और होलोंगी एयरपोर्ट का आधुनिक टर्मिनल तैयार किया जा चुका है।
ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी को अपनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2030 तक 500 गीगावॉट बिजली सौर, पवन और अन्य गैर-पारंपरिक स्रोतों से उत्पन्न करने का लक्ष्य है। अरुणाचल प्रदेश में आज दो बड़े पावर प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया गया। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी को अपनाएं और देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता दें।
पर्यटन और स्वास्थ्य को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जहां पर्यटकों की संख्या में 2% वृद्धि दर्ज हुई है। तवांग में तैयार हो रहा आधुनिक कन्वेंशन सेंटर पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। साथ ही राज्य में नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं और आयुष्मान भारत योजना से लोगों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।
अरुणाचल के लोग देश को सर्वोपरि मानते हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल के लोग हमेशा राष्ट्र को प्राथमिकता देते हैं। भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज उत्तर-पूर्व न केवल विकास की धारा में शामिल है, बल्कि पूरे भारत की शक्ति का महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है।
-(लेखिका आशिका सिंह का पत्रकारिता जगत में 18 वर्षों का अनुभव है, वर्तमान में वे प्रसार भारती न्यूज़ सर्विस के साथ जुड़ी हैं)


