आईएनएस माहे के कमीशनिंग पर सेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी बोले : आधुनिक युद्धों में ‘जॉइंटनेस’ और ‘इंटीग्रेशन’ की बड़ी भूमिका

भारतीय नौसेना के नए पोत आईएनएस माहे के औपचारिक कमीशनिंग के मौके पर भारतीय सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब मल्टी-डोमेन और हाइब्रिड हो चुके हैं। ऐसे में भारतीय सेना ने भी ‘दशक परिवर्तन’ के तहत कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें संयुक्तता (Jointness) और एकीकरण (Integration) मुख्य आधार हैं आईएनएस माहे भारतीय नौसेना का पहला ‘Mahe-class Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW-SWC)’ है। इसे आज सोमवार को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारतीय नौसेना में शामिल किया। यह पोत कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा बनाया गया है और भारत की आत्मनिर्भरता का एक मजबूत प्रतीक माना जा रहा है।

कार्यक्रम में जनरल द्विवेदी ने कहा,“भारतीय नौसेना हमारे पड़ोस और दूर-दराज के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यहां सेना की भूमिका नौसेना की कठोर और नरम कूटनीति (Soft & Hard Diplomacy) दोनों में सहयोगी और पूरक होती है, जिसे मैं ‘स्मार्ट डिप्लोमेसी’ कहता हूं।” उन्होंने बताया कि भारतीय सेना और नौसेना ने दुनिया भर में कई मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मिशनों में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है।

उन्होंने आगे कहा, “INS Mahe के कमीशनिंग के साथ यह पोत सिर्फ नौसेना की उम्मीदें नहीं, बल्कि पूरे देश का भरोसा लेकर समुद्र में उतरेगी। इसकी सुरक्षा, प्रतिष्ठा और क्षमता इसके क्रू पर निर्भर करती है। देश चैन से सोएगा क्योंकि आप समुद्र में जागकर उसे सुरक्षित रखेंगे।” सेनाध्यक्ष ने INS Mahe को समय पर तैयार करके देने के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड की सराहना की और इसे पेशेवर उत्कृष्टता का उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं-थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त शक्ति ही देश की सुरक्षा को मजबूत बनाती है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए बताया कि समुद्र से लेकर पहाड़ों तक सभी क्षेत्रों में सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई ही भारत की रणनीतिक ताकत है। कार्यक्रम का आयोजन वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वेस्टर्न नेवल कमांड की ओर से किया गया था। कमीशनिंग के बाद जनरल द्विवेदी ने INS Mahe का विस्तृत निरीक्षण भी किया। INS Mahe छोटे आकार के बावजूद तेज, फुर्तीले और उन्नत तकनीक से लैस जहाज है, जो पनडुब्बी खोज, तटीय क्षेत्र की सुरक्षा और भारत के समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने जैसे महत्वपूर्ण मिशन संचालित करेगा।-(Input With ANI)