विजयादशमी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं, सत्य के मार्ग पर चलने का किया आह्वान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विजयादशमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की जीत का पर्व है, जो भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों की गहरी झलक पेश करता है। राष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्व लोगों को सकारात्मकता अपनाने और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा करुणा की भावना बढ़ाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों से एकजुट होकर देश और समाज के लिए काम करने का आह्वान किया।

देशभर में नवरात्रि का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है और अब लोग विजयादशमी की तैयारियों में जुटे हैं। उत्तर भारत में यह पर्व भगवान राम की रावण पर विजय की स्मृति में रावण दहन के रूप में मनाया जाता है, वहीं पूर्वी और दक्षिणी भारत में इसे दुर्गा पूजा के रूप में मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध की याद में मनाया जाता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि ये परंपराएं हमारे सांस्कृतिक वैविध्य और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करती हैं। उन्होंने कामना की कि विजयादशमी का यह पर्व देशवासियों को एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरित करे, जहां न्याय, समानता और सद्भाव सर्वोपरि हों।

इस वर्ष विजयादशमी का उत्सव 2 अक्टूबर को पूरे देश में मनाया जाएगा। दिल्ली, लखनऊ, अयोध्या समेत कई शहरों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।-(IANS)

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