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केरल में ओणम का उत्साह चरम पर, लेकिन बारिश डाल सकती है त्योहार में खलल

केरलम में ओणम का उत्साह चरम पर है, लेकिन मौसम इस उत्सव में खलल डाल सकता है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत हो रहा कम दबाव का क्षेत्र त्योहार के दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश ला सकता है।

25 अगस्त को फर्स्ट ओणम और 26 अगस्त को तिरुवोनम, जो ओणम समारोह का सबसे महत्वपूर्ण दिन है, मनाया जाएगा। इसके बाद थर्ड और फोर्थ ओणम होंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

सोमवार को आठ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें कासरगोड, कन्नूर, त्रिशूर, इडुक्की, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम शामिल हैं।

मंगलवार को तीन जिलों में अलर्ट जारी रहेगा, जबकि राज्य के कई हिस्सों में मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना है। मौसम में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब राज्य ओणम सीजन के सबसे महत्वपूर्ण चरण के लिए तैयार हो रहा है।

सड़कों, बाजारों और शॉपिंग सेंटरों में त्योहार की खरीदारी और गतिविधियां तेज हो गई हैं। परिवार पारंपरिक ओणम भोज और समारोहों की तैयारियों में जुटे हैं।

त्योहार के दौरान पूरे राज्य में सार्वजनिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न समारोह भी आयोजित किए जाने हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने फिलहाल तिरुवोनम के दिन के लिए बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

अधिकारी बदलती मौसम परिस्थितियों पर करीबी नजर रख रहे हैं, खासकर इसलिए क्योंकि त्योहार अब अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है। बारिश के खतरे के साथ तटवर्ती इलाकों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है।

भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए केरल और लक्षद्वीप के तटों पर मछली पकड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने भी कल्लक्कडल घटना के कारण तटीय इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है।

सोमवार रात 11:30 बजे तक केरल तट के किनारे 0.9 से 1.3 मीटर ऊंची लहरें उठने की संभावना है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

चेतावनी हटाए जाने तक समुद्र तटों पर जाने और समुद्र आधारित मनोरंजक गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है। मछली पकड़ने वाली नौकाओं को भी बंदरगाहों में सुरक्षित रूप से लंगर डालकर रखने की सलाह दी गई है।

केरल के लिए ओणम जितना पारिवारिक त्योहार है, उतना ही सार्वजनिक उत्सव भी है। ऐसे में आने वाले दिन त्योहार के उत्साह और मौसम संबंधी सावधानी के बीच संतुलन बनाने वाले होंगे।

आसमान में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन ओणम का उत्साह कम होने की संभावना नहीं है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बारिश केरल को अपने सबसे बड़े त्योहार को खुले में मनाने का मौका देगी या फिर समारोहों का बड़ा हिस्सा घरों और इनडोर स्थानों तक सीमित रह जाएगा।

(इनपुट-आईएएनएस)