श्रीलंका में चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ की तबाही के बाद भारत ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और भारतीय वायुसेना (IAF) लगातार श्रीलंका के कई इलाकों में लोगों को बचाने, इलाज उपलब्ध कराने और राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हुए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कई अपडेट साझा करते हुए बताया कि ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत NDRF ने श्रीलंका के कोचिकाडे, पुत्तलम और बदुल्ला में बचाव कार्य किए हैं।
भारतीय वायुसेना के Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने श्रीलंका के कोटमाले क्षेत्र से 34 लोगों को जिनमें बच्चे भी शामिल थे। कोलंबो सुरक्षित पहुंचाया। इसके अलावा, वायुसेना की टीमों ने प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सहायता और खाद्य सामग्री भी पहुंचाई। इसी दौरान, सोमवार को भारतीय नौसेना का जहाज INS सुकन्या त्रिंकोमाली बंदरगाह पहुंचा, जो अपने साथ बड़ी मात्रा में राहत सामग्री लेकर आया था।
विदेश मंत्री डाॅ. एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि रविवार को भी एक भारतीय वायुसेना का विमान आपदा राहत सामग्री लेकर कोलंबो उतरा। भारतीय वायुसेना ने बताया कि ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत IAF के C-17 विमान ने पुणे से NDRF की टीमों और उपकरणों को श्रीलंका भेजा। भारत ने अब तक 21 टन राहत सामग्री, 80 से अधिक NDRF कर्मियों और 8 टन उपकरण श्रीलंका पहुंचाए हैं। भारत का यह तेज और समन्वित मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियान उसकी अपने पड़ोसी देश के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है।
श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह से स्थिति बेहद गंभीर है। देश के ‘डेली मिरर’ अखबार के मुताबिक, कम से कम 334 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 370 लोग अभी भी लापता हैं। ऐसे में भारत की मदद वहां राहत और बचाव कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है।-(ANI)


