रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है और अब वह भारत के खिलाफ कोई भी ग़लत कदम उठाने से पहले सोचेंगा। राजस्थान के जैसलमेर में सैनिकों के साथ बरखाना के दौरान बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात कही।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है, सिर्फ़ रोका गया है। अगर पाकिस्तान कोई गलती करता है, तो उसका सामना और सख़्त प्रतिक्रिया से होगा। उन्होंने कहा, “हमारे पायलटों ने पाकिस्तान को सिर्फ भारत की ताक़त का नमूना दिखाया है, असली ताक़त दिखाने का मौका मिले तो और भी स्पष्ट संदेश देंगे।”
राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के दुश्मन कभी निष्क्रिय नहीं रहते। इसलिए हमारी सेना को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और उनकी हर हरकत का उचित और प्रभावी जवाब देना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के विज़न में सेना की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे सैनिक सिर्फ़ सीमाओं के रक्षक नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के अग्रणी भी हैं। यह सदी हमारी है और आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारी प्रगति के साथ हमारी सेना दुनिया की सबसे बेहतरीन होगी।”
सरहदी इलाक़ों में विकास पर भी उन्होंने ध्यान दिलाया और कहा कि सीमाओं पर रक्षा तैयारियों को बढ़ाने के लिए विकास कार्य जारी हैं।
बरखाना को उन्होंने भारत की संस्कृति, सभ्यता और मूल्यों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “हमारी सेना में अलग-अलग धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के लोग शामिल हैं। बरखाना में एक ही थाली में यह विविधता दिखती है, जो इसे किसी भी अन्य भोजन समारोह से बेहतर बनाती है।”
बरखाना से पहले रक्षा मंत्री ने जैसलमेर में भारतीय सेना की पहल ‘शौर्यवन’, एक अनोखा कैक्टी और बोटैनिकल गार्डन का उद्घाटन किया। शौर्यवन थार रेगिस्तान में हरियाली और जीवन का प्रतीक है।
उन्होंने जैसलमेर वॉर मेमोरियल में सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और संग्रहालय में रखे युद्ध स्मारक और ऐतिहासिक वस्तुओं का अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने होलोग्राफिक लाइट एंड साउंड शो का उद्घाटन किया, जो मेमोरियल को और आकर्षक बनाता है।
इस अवसर पर आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, आर्मी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कमांडर्स उपस्थित रहे।
-(पीआईबी)


