पर्यटन मंत्रालय ने ‘पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता-वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्रों का विकास’ (SASCI) नामक योजना के लिए परिचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं। योजना की मुख्य विशेषताओं में समग्र पर्यटक अनुभव का विकास करना, चयनित प्रस्तावों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, पर्यटक वैल्यू चैन के सभी बिंदुओं को मजबूत करना, डिजाइन और विकास, सतत संचालन और संरक्षण आदि के लिए गुणवत्ता पूर्ण विशेषज्ञता का उपयोग करना शामिल है। इसका उद्देश्य देश में प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्रों का व्यापक विकास और वैश्विक स्तर पर उनकी ब्रांडिंग तथा मार्केटिंग करना है।
यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। इन परियोजनाओं को संबंधित राज्य सरकारों द्वारा प्रस्तुत परियोजना प्रस्तावों, निर्धारित मापदंडों जैसे कि स्थल से कनेक्टिविटी, टूरिस्ट इकोसिस्टम, वहन क्षमता, स्थिरता संबंधी उपाय, सतत संचालन और प्रबंधन, परियोजना प्रभाव और सृजित मूल्य, पर्यटन विपणन योजना आदि के अनुसार जांच और योजना दिशानिर्देशों में उल्लेखित संस्थागत ढांचे के आधार पर चिन्हित किया गया है।
एसएएससीआई (SASCI) योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, परियोजनाओं का क्रियान्वयन और प्रबंधन संबंधित राज्य सरकार द्वारा किया जाता है और परियोजनाओं को अधिकतम 2 वर्ष की अवधि के भीतर विकसित और पूरा करना होता है, जबकि भारत सरकार इस योजना के तहत 31 मार्च, 2026 तक निधियां जारी करेगी।
पर्यटन मंत्रालय अपने सतत प्रचार संबंधी कार्यकलापों के तहत देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों का सोशल मीडिया, प्रचार वेबसाइटों, कार्यक्रमों आदि के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में निरंतर रूप से संवर्धन करता है।


