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पीएमईजीपी से 22 हजार से अधिक नए उद्यमों को बढ़ावा, 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर

केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत कार्यरत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत देशभर के ग्रामीण कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों को 504.68 करोड़ रुपये की ऑनलाइन मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की है।

मंत्रालय के अनुसार यह सहायता 22,259 नए परियोजनाओं के लिए प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के लिए बैंकों ने लगभग 1,485 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं, जिनके माध्यम से करीब 2.45 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

यह राशि हरियाणा के भिवानी जिले के सिवानी में आयोजित ‘खादी रोजगार उत्सव’ के दौरान वितरित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज गोयल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की।

इस अवसर पर सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 972 कारीगरों को 3,645 आधुनिक मशीनें और टूलकिट भी वर्चुअल माध्यम से वितरित किए गए। लाभार्थी राज्यों में हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और त्रिपुरा शामिल हैं।

केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इस क्षेत्र का कुल उत्पादन बढ़कर लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये और कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

उन्होंने बताया कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र वर्तमान में देशभर में 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है। इस उपलब्धि का श्रेय लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और खादी संस्थानों के सामूहिक प्रयासों को जाता है।

गोयल ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अब 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में पीएमईजीपी के तहत देशभर में 10.84 लाख से अधिक नए उद्यम स्थापित किए गए हैं। इन इकाइयों के लिए सरकार ने 29,623 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की, जिससे लगभग 97.95 लाख लोगों को रोजगार मिला।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खादी केवल स्वदेशी का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक रही है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा में 96 सक्रिय खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थानों के माध्यम से लगभग 58,796 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत राज्य में 1.27 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी क्षेत्र से जुड़े 80 प्रतिशत कारीगर महिलाएं हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई क्रांति का संकेत है।

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था विकसित कर रही है कि स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद स्थानीय बाजारों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश और विदेश के बाजारों तक पहुंच सकें।

-(इनपुटःएजेंसी)