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कम बारिश से धान की खेती का रकबा 3% घटा, 405.10 लाख हेक्टेयर पर आया

देश के कुछ हिस्सों में कम बारिश के कारण मौजूदा खरीफ सत्र में अब तक धान की खेती का रकबा तीन प्रतिशत घटकर 405.10 लाख हेक्टेयर रह गया है। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

पिछले साल इसी अवधि में धान की बुवाई 418.29 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई थी।

कृषि मंत्रालय ने सोमवार को बयान में कहा कि धान के रकबे में यह कमी मुख्य रूप से कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र में बुवाई के रकबे आई भारी गिरावट के कारण है।

हालांकि, इस बुवाई सत्र में 21 अगस्त तक दलहनों की खेती का रकबा मामूली रूप से बढ़कर 113.63 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 112.14 लाख हेक्टेयर था।

श्री अन्न और मोटे अनाजों की बुवाई का रकबा पहले के 179.81 लाख हेक्टेयर से घटकर 176.36 लाख हेक्टेयर रह गई।

तिलहन का रकबा मामूली रूप से 188.69 लाख हेक्टेयर से घटकर 188.37 लाख हेक्टेयर रह गया। कपास के तहत आने वाला क्षेत्र भी थोड़ा घटकर 108.45 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि पहले यह 108.73 लाख हेक्टेयर था।

गन्ने का रकबा भी मामूली रूप से 58.87 लाख हेक्टेयर से घटकर 58.44 लाख हेक्टेयर रह गया।

इस खरीफ सत्र में 21 अगस्त तक सभी खरीफ फसलों का कुल रकबा घटकर 1,056.70 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,072.77 लाख हेक्टेयर था।

(इनपुट-PTI)

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