पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों सऊदी अरब, कतर और तुर्किए के दौरे पर हैं। इसी दौरे के बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान को बड़ी राहत देते हुए 2 अरब डॉलर की मदद दी है। दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान से इस महीने के अंत तक 3 अरब डॉलर का कर्ज वापस मांगा था। इस दबाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने सऊदी अरब से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई।
पाकिस्तानी मीडिया ‘डॉन’ के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने गुरुवार को पुष्टि की कि सऊदी अरब से 2 अरब डॉलर की राशि 15 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के खाते में आ चुकी है। सेंट्रल बैंक ने कहा कि राशि 15 अप्रैल 2026 की वैल्यू डेट में मिली थी। इससे एक दिन पहले सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए मौजूदा 5 अरब डॉलर की डिपॉजिट सुविधा को तीन साल के लिए बढ़ा दिया है और इसके अलावा अतिरिक्त 3 अरब डॉलर का नया डिपॉजिट देने का भी वादा किया है।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था फिलहाल बेहद तंगहाल
वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बताया कि अब ये 5 अरब डॉलर का डिपॉजिट साल-दर-साल रोलओवर होने की बजाय लंबे समय के लिए उपलब्ध रहेगा। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था फिलहाल बेहद तंगहाल है। देश में महंगाई चरम पर है, विदेशी कर्ज का बोझ बहुत भारी है और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी स्थिति को और खराब किया है।27 मार्च तक पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर थे, जो करीब तीन महीने के आयात के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन यूएई को कर्ज लौटाने की डेडलाइन ने रिजर्व पर नया दबाव डाल दिया है।
मार्च में पाकिस्तान UAE के साथ 3.5 अरब डॉलर की पुरानी सुविधा को बढ़ाने में असफल रहा था। यह सात साल में पहली बार हुआ जब UAE ने पाकिस्तान के साथ ऐसा समझौता नहीं किया। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है। आईएमएफ के सुधार कार्यक्रम के बावजूद बाहरी फंडिंग का खतरा बड़ा बना हुआ है। (इनपुट-एजेंसी)


