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श्रम मंत्रालय की मध्यस्थता से बीसीसीएल, एफसीआईएल और ईसीएल के लंबित मामले निपटे

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) (सीएलसी-सी) के क्षेत्रीय तंत्र ने धनबाद में लंबित तीन औद्योगिक विवादों का सफलतापूर्वक समाधान कर सेवानिवृत्त श्रमिकों और मृत कर्मचारियों के आश्रितों के लिए 55 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक राहत सुनिश्चित की है। मंत्रालय ने कहा कि यह पहल समय पर न्याय, सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक सद्भाव को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

बीसीसीएल मामले में मृत श्रमिक के आश्रित को मिलेगी दीर्घकालिक सहायता

धनबाद के सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय)-I की मध्यस्थता से भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की बुर्रागढ़ कोलियरी के एक मृत श्रमिक के आश्रित से जुड़े मुआवजा विवाद का समाधान किया गया। प्रबंधन और श्रमिक संघ के बीच 1 जुलाई 2026 को हुए समझौते के तहत आश्रित को 60 वर्ष की आयु तक मासिक मुआवजा दिया जाएगा। करीब 30 लाख रुपए के इस समझौते से परिवार को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।

एफसीआईएल के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ब्याज सहित भुगतान

सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय)-II की मध्यस्थता से फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआईएल) के दो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित सेवानिवृत्ति लाभों का विवाद भी सुलझाया गया। 7 जुलाई 2026 को हुए समझौते के अनुसार, प्रबंधन सेवानिवृत्ति की तिथि से अनुग्रह राशि और अवकाश नकदीकरण के भुगतान तक 6% वार्षिक साधारण ब्याज देगा। लगभग 14 लाख रुपए के इस समझौते से कर्मचारियों को वित्तीय राहत मिली है। साथ ही प्रबंधन ने भविष्य में ऐसी देरी रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

ईसीएल के मृत कर्मचारी के आश्रित को भी मिली राहत

क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), धनबाद की मध्यस्थता से ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के एक मृत कर्मचारी के आश्रित से संबंधित मुआवजा विवाद का भी समाधान हुआ। 3 जुलाई 2026 को हुए समझौते के तहत आश्रित को मासिक मुआवजा मिलेगा। करीब 11 लाख रुपए के इस समझौते से परिवार को समय पर वित्तीय सहायता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

संवाद के जरिए औद्योगिक सद्भाव को मिला बढ़ावा

मंत्रालय ने कहा कि इन मामलों में मध्यस्थता के दौरान प्रबंधन को श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति लाभों के समय पर भुगतान की जिम्मेदारी से अवगत कराया गया। साथ ही रचनात्मक संवाद और आपसी सहमति के जरिए औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। मंत्रालय के अनुसार, सीएलसी (सी) का क्षेत्रीय तंत्र नियोक्ताओं, श्रमिकों और ट्रेड यूनियनों के साथ समन्वय के माध्यम से श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन और श्रमिक कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। (इनपुट: पीआईबी)