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पानी के लिए तरस रहे लोग, पश्चिमी महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के गांवों में गंभीर जल संकट

पश्चिमी महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के गांवों में गंभीर जल संकट देखा जा रहा है। मालशिरस तालुका के 22 गांवों में 15 दिनों को भीतर एक बार टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है। पानी की कमी के कारण कथित तौर पर किसानों ने इस क्षेत्र में खेती करना बंद कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि बच्चे पानी के लिए इस कदर तरस रहे हैं कि वो स्कूल भी नहीं जा रहे हैं और पानी आने का इंतजार कर रहे हैं।

नेता वोट के लिए आते हैं, लेकिन चुनाव के बाद वे यहां भटकते नहीं

सोलापुर की स्थानीय निवासी मालन बाई ने मीडिया से कहा, “हमें 15 दिनों के बाद पानी मिल रहा है। हम खाट के नीचे बर्तन रखकर नहाते हैं और जो पानी बचता है उससे कपड़े धोते हैं। हमें प्रतिदिन 20 रुपये देकर पीने का पानी मिलता है। स्थिति यह है कि जब से हमारी शादी हुई है और हम इस गांव में आए हैं, तब से नेता वोट के लिए आते हैं, लेकिन चुनाव के बाद वे यहां भटकते नहीं हैं।”

फरवरी से ही पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है

प्राप्त जानकारी के अनुसार लोगों को फरवरी से ही पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बच्चे पानी के लिए इस कदर तरस रहे हैं कि वो स्कूल भी नहीं जा रहे हैं और पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को निजी संस्थानों के टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। ऐसे में क्षेत्र में दिन पर दिन टैंकरों की मांग बढ़ती जा रही है।

चुनाव का बहिष्कार किया

गौरतलब है कि सोलापुर निर्वाचन क्षेत्र में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर गुड्डेवाड़ी और अंकलगी गांवों के 2,500 से अधिक मतदाताओं ने लोकसभा चुनावों में पहले चरण (19 अप्रैल) के चुनाव का बहिष्कार किया। एक अन्य लगभग बहिष्कार में, आलगी गांव के 1,557 मतदाताओं में से केवल सौ ने मतदान किया। अक्कलकोट विधानसभा क्षेत्र के तीनों गांवों ने आरोप लगाया कि सरकार और सभी दलों के नेताओं ने उनके क्षेत्र में पानी की कमी को नजरअंदाज किया है।

हर खेत में, हर घर तक पानी पहुंचाना मेरे जीवन का बहुत बड़ा मिशन

वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अप्रैल को महाराष्ट्र में एक चुनावी जनसभा में लोगों से वोटिंग की अपील करते हुए कहा था कि कांग्रेस को देश ने 60 साल तक राज करने का मौका दिया। इन 60 वर्षों में दुनिया के अनेक देश पूरी तरह से बदल गए, लेकिन कांग्रेस किसानों के खेत तक पानी नहीं पहुंचा पाई। 2014 में करीब 100 सिंचाई परियोजनाएं ऐसी थीं, जो कई दशकों से लटकी पड़ी थीं, इसमें से 26 परियोजनाएं महाराष्ट्र से थीं। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद, मैंने पूरी शक्ति इन सिंचाई परियोजनाओं पर लगा दी। कांग्रेस की लटकाई 100 परियोजनाओं में से 63 हमने पूरी की हैं। हर खेत में, हर घर तक पानी पहुंचाना मेरे जीवन का बहुत बड़ा मिशन है।

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