केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी का स्वागत किया। नागासाकी 200 से अधिक जापानी सीईओ, कारोबारी नेताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह प्रतिनिधिमंडल यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 में शामिल होने भारत पहुंचा है। पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत नई दिल्ली में जापानी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित स्वागत रात्रिभोज से हुई। इसका उद्देश्य जापान की उत्तर प्रदेश में बढ़ती निवेश रुचि को निवेश, तकनीकी साझेदारी, विनिर्माण परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलना है।
भारत-जापान आर्थिक संबंधों पर जोर
जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-जापान के मजबूत आर्थिक संबंधों और भारत में जापानी कंपनियों के लिए बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का बेहतर होता बुनियादी ढांचा, कुशल कार्यबल और निवेश अनुकूल माहौल जापानी कंपनियों के वैश्विक विस्तार के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराता है।
दीर्घकालिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध यूपी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश जापानी निवेशकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, कुशल प्रतिभा और निवेश अनुकूल नीतियां जापानी कंपनियों को प्रदेश में निवेश, विस्तार और रोजगार सृजन के लिए मजबूत आधार प्रदान करती हैं।
एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि भारत और जापान की यह साझेदारी उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के उनके विजन के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण और तकनीक आधारित विकास में जापान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य सरकार जापानी कंपनियों के लिए निवेश और कारोबार का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
स्वच्छ ऊर्जा और पर्यटन में सहयोग
यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने कहा कि यह यात्रा यामानाशी और उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक एवं संस्थागत संबंधों को मजबूत करने में मदद करेगी। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। इन्वेस्ट यूपी की ओर से 18 से 23 अगस्त तक आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम नई दिल्ली, लखनऊ, आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में होगा।
21 अगस्त को लखनऊ में मुख्य निवेश बैठक
मुख्य यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 21 अगस्त को लखनऊ में आयोजित की जाएगी। इसमें सरकार-से-व्यवसाय (जी2बी) और व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) सत्र होंगे। इस दौरान विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और पर्यटन को प्रमुख सहयोग क्षेत्रों के रूप में रखा गया है।
निवेश और रोजगार पर फोकस
200 से अधिक जापानी कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश आधारित साझेदारी को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम का फोकस तकनीक, विनिर्माण और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के साथ जापानी निवेश को प्रदेश में आकर्षित करना है। (इनपुट: आईएएनएस)


