बिहार को वैश्विक कृषि-निर्यात मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने आज शुक्रवार को पटना में एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (एपीडा) के पहले क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। यह उद्घाटन बिहार आइडिया फेस्टिवल के दौरान हुआ, जिसमें बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उद्योग मंत्री नितिश मिश्रा, वरिष्ठ राज्य अधिकारी, एपीडा नेतृत्व, उद्यमी, किसान उत्पादक संगठन (FPOs) और किसान समूह मौजूद रहे।
यह नया कार्यालय बिहार के कृषि-निर्यात परिदृश्य को बदलने में अहम साबित होगा। इसके माध्यम से एपीडा की सीधी सेवाएं जैसे निर्यातक पंजीकरण, परामर्श सहायता, बाजार संबंधी जानकारी, सर्टिफिकेशन सहायता और अवसंरचना विकास अब सीधे पटना से उपलब्ध होंगी। पहले बिहार के निर्यातकों को एपीडा के वाराणसी स्थित कार्यालय पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे सेवाएं लेने में विलंब होता था।
कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा कि पटना कार्यालय का उद्घाटन “बिहार के किसानों को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का मिशन” है। उन्होंने कहा, “हमारे किसान, उद्यमी और निर्यातक पूरी दुनिया को अन्न दे सकते हैं। सही सहयोग मिलने पर बिहार उच्च-मूल्य वाले और टिकाऊ कृषि-निर्यात में अग्रणी बन सकता है।” उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस पहल का स्वागत किया और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “यह बिहार की कृषि विकास गाथा का नया अध्याय है।”
समारोह के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी दर्ज हुई। दारभंगा की महिला उद्यमी और ‘नेहाशी’ की संस्थापक नेहा आर्या द्वारा 7 मीट्रिक टन जीआई-टैग वाले मिथिला मखाने का न्यूजीलैंड, कनाडा और अमेरिका के लिए निर्यात झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह पहल एपीडा के महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों और समावेशी कृषि-व्यापार को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को दर्शाती है।
बिहार कई जीआई-टैग उत्पादों का घर है, जिनमें शाही लीची, जर्दालु आम, मिथिला मखाना और मगही पान शामिल हैं। इसके अलावा यहां की विविध फल, सब्जियां और अनाज भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लोकप्रिय हैं। हाल के वर्षों में बिहार ने जर्दालु आम, मिथिला मखाना और तिलकुट जैसी पारंपरिक मिठाइयों का निर्यात यूएई, अमेरिका और अन्य देशों को सफलतापूर्वक किया है।
पिछले तीन वर्षों में एपीडा ने बिहार के कृषि-निर्यात तंत्र को मजबूत बनाने के लिए कई प्रशिक्षण कार्यक्रम और क्षमता-विकास कार्यशालाएं आयोजित की हैं। इसमें किसानों और निर्यातकों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अनुपालन प्रोटोकॉल पर प्रशिक्षित किया गया। मई 2025 में पटना में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खरीदार-विक्रेता बैठक में 22 देशों के 70 से अधिक खरीदार शामिल हुए, जिसने बिहार के कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार खोले।
इस मौके पर यह भी बताया गया कि सरकार ने भारत को दुनिया के शीर्ष दस खेल राष्ट्रों में शामिल करने की योजना तैयार कर ली है। यह लक्ष्य कृषि से लेकर खेल क्षेत्र तक भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।पटना में एपीडा कार्यालय की स्थापना से उम्मीद है कि बिहार उच्च-मूल्य, टिकाऊ और समावेशी कृषि-व्यापार का केंद्र बनेगा, जिससे किसानों, एफपीओ, स्टार्ट-अप्स और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।


