पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ के अधिकारियों से की मुलाकात, मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज शुक्रवार को नई दिल्ली में यूरोपीय संघ (EU) के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ईयू के कृषि और खाद्य आयुक्त क्रिस्टोफ हेन्सन, व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविक और अन्य प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। बैठक का मकसद भारत-ईयू के बीच व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द पूरा करना है। केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, “भारत एक संतुलित और परस्पर लाभकारी एफटीए के लिए प्रतिबद्ध है, जो व्यवसायों के लिए नए रास्ते खोलेगा और भारत एवं यूरोप दोनों की साझा प्रगति को मजबूत करेगा।” उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर यह भी बताया कि भारत-ईयू एफटीए की 13वें दौर की बातचीत जारी है और दोनों पक्ष इसके जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बैठक के दौरान भारत ने जोर दिया कि व्यापार वार्ता में केवल टैरिफ ही नहीं बल्कि गैर-टैरिफ बाधाओं (NTBs) पर भी बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि नियामक ढांचे समावेशी और संतुलित होने चाहिए, ताकि वे व्यापार में रुकावट न बनें। अब तक दोनों पक्ष 11 अध्यायों को अंतिम रूप दे चुके हैं, जिनमें कस्टम्स, व्यापार सुविधा, डिजिटल ट्रेड और पूंजी प्रवाह जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, रूल्स ऑफ ओरिजिन, मार्केट एक्सेस और वाइन व डेयरी जैसे उत्पादों पर टैरिफ को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।

गौरतलब है कि यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2023-24 में दोनों के बीच व्यापार 135 अरब डॉलर तक पहुंचा। एफटीए पर 13वां दौर की बातचीत इस हफ्ते नई दिल्ली में होगी और अगला दौर ब्रुसेल्स में आयोजित किया जाएगा। ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि प्रस्तावित एफटीए से ऑटो उद्योग को विशेष लाभ होगा। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि ऑटो उद्योग हमारे प्रस्तावित प्रावधानों को आकर्षक पाएगा, जिससे व्यवसाय बढ़ेंगे, यूरोप और अन्य क्षेत्रों के साथ साझेदारी होगी, नवाचार और शोध को बढ़ावा मिलेगा और भारत में उत्पादन विकसित होगा।”

इस बीच, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज शुक्रवार को यूरोपीय संघ की राजनीतिक और सुरक्षा समिति (PSC) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चेयर डेलफिन प्रोंक ने किया, जो पहली बार एशिया दौरे पर आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों पक्षों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग को गहरा करने और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय हालात पर विचार-विमर्श हुआ।

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