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पीयूष गोयल ने दोहा में कतर के मंत्री से की मुलाकात, व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर दिया जोर

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को दोहा में कतर के विदेश व्यापार मामलों के राज्य मंत्री अहमद बिन मोहम्मद अल-सईद से मुलाकात की। उन्होंने खाड़ी देश के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। यह बैठक अगस्त में नई दिल्ली में हुई चर्चाओं के बाद हो रही है, जब अल-सईद ने एक उच्चस्तरीय निवेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए भारत का दौरा किया था।

गोयल ने कहा कि अहमद बिन मोहम्मद अल-सईद से मुलाकात सुखद रही और दोनों देशों के बीच व्यापार व निवेश संबंधों को और मजबूत करने की आशा जताई

गोयल ने दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों के बारे में आशा व्यक्त करते हुए कहा, “अहमद बिन मोहम्मद अल-सईद से मिलकर खुशी हुई। हमने नई दिल्ली में हुई अपनी चर्चाओं को याद किया और द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को बढ़ाने के लिए निरंतर सहयोग की आशा करते हैं।”

गोयल की कतर यात्रा भारत-कतर व्यापार और वाणिज्य संयुक्त आयोग की बैठक के साथ मेल खाती है

गोयल की कतर यात्रा भारत-कतर व्यापार और वाणिज्य संयुक्त आयोग की बैठक के साथ मेल खाती है, जिसकी उन्होंने कतर के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री शेख फैसल बिन थानी बिन फैसल अल थानी के साथ सह-अध्यक्षता की थी। दोनों पक्षों ने प्रस्तावित भारत-कतर मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर चर्चा की, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 14 अरब डॉलर से दोगुना करके 28 अरब डॉलर करना है।

भारत को कतर के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार घाटे का सामना करना पड़ रहा है, जिसका मुख्य कारण पेट्रोलियम आयात है

भारत को कतर के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार घाटे का सामना करना पड़ रहा है, जिसका मुख्य कारण पेट्रोलियम आयात है। हालांकि, कतर पहले ही भारत में 4 से 5 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है और 1.5 अरब डॉलर का और निवेश पाइपलाइन में है। गोयल ने मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और फाइनेंशियल सर्विस जैसे क्षेत्रों में और अधिक सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने दोहा के लुलु हाइपरमार्केट में भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का भी शुभारंभ किया

केंद्रीय मंत्री ने दोहा के लुलु हाइपरमार्केट में भारत के एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का भी शुभारंभ किया, जो दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह यात्रा खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने के भारत के रणनीतिक प्रयासों को रेखांकित करती है, जिसमें कतर इस क्षेत्र में एक प्रमुख भागीदार के रूप में उभर रहा है।(इनपुट-आईएएनएस)

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