पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत-मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने पर एक स्मारक डाक टिकट किया जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत-मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। यह डाक टिकट केरल के उरु और मालदीव के वधु धोनी को दर्शाता है जो सदियों पुराने समुद्री और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक हैं। पीएम मोदी ने इसे एक बेहद अनमोल दोस्ती का स्मरण कहा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रपति मुइज्जू और मैंने भारत-मालदीव मैत्री के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक डाक टिकट जारी किया। समय के साथ हमारे संबंध और भी मज़बूत हो रहे हैं और हमारे देशों के लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं।”उन्होंने कहा,”एक बेहद अनमोल दोस्ती का स्मरण!”

इससे पहले मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ प्रेस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और मालदीव अपने राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। लेकिन, हमारे संबंधों की जड़ें इतिहास से भी पुरानी और समुद्र जितनी गहरी हैं। आज जारी किए गए स्मारक डाक टिकटों में दोनों देशों की पारंपरिक नौकाओं को प्रदर्शित किया गया है। यह दर्शाता है कि हम न केवल पड़ोसी हैं, बल्कि सह-यात्री भी हैं।

पीएम मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर आज सुबह मालदीव पहुंचे। माले हवाई अड्डे पर पहुंचकर राष्ट्रपति मुइज्जू ने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। पीएम मोदी के स्वागत के लिए उनके साथ मालदीव के विदेश, रक्षा, वित्त और गृह सुरक्षा मंत्री भी मौजूद रहे। पीएम मोदी के स्वागत समारोह में बच्चों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए और भारतीय समुदाय के सदस्यों ने ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया और 21 तोपों की सलामी दी गई। राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ माले स्थित राष्ट्रपति कार्यालय में व्यापक वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-मालदीव संबंधों के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत और मालदीव ने कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।