पीएम मोदी ने जल जीवन मिशन के 6 साल पूरे होने पर दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को जल जीवन मिशन के छह वर्ष पूरे होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल ग्रामीण भारत में जीवन स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा के परिणामों में भी उल्लेखनीय बदलाव आया है। पीएम मोदी ने कहा कि इस योजना से विशेषकर महिलाओं को- देश की नारी शक्ति को लाभ हुआ है।

जल जीवन मिशन पहल से व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल तक पहुंच सुनिश्चित हुई है, जिससे लाखों घरों में परिवर्तनकारी बदलाव आया है। वर्ष 2019 में शुरू किया गया जल जीवन मिशन, कुछ ही वर्षों में 15 करोड़ से अधिक घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाकर सरकार की प्रतिबद्धता का आधार बना है, जिससे स्वास्थ्य में सुधार हुआ, समुदाय सशक्त बने और अनगिनत सपने साकार हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आज सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर MyGovIndia के अलग-अलग पोस्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “हम जल जीवन मिशन के #6वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं, यह एक ऐसी योजना है जो गरिमा और जीवन में बदलाव लाने पर केंद्रित है। इसने बेहतर स्वास्थ्य सेवा भी सुनिश्चित की है, खासकर हमारी नारी शक्ति के लिए।” “भारत भर में जल जीवन मिशन के स्थायी प्रभाव की एक झलक।
#जलजीवनमिशनके6वर्ष”

उल्लेखनीय है, जल जीवन मिशन’ के जरिए, अब लाखों ग्रामीण घरों में सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। यह सफलता केन्द्र और राज्यों के बीच घनिष्ठ समन्वय पर निर्भर है। केन्द्र जहां संसाधन एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है, वहीं राज्य गांव-गांव जाकर इस मिशन को साकार कर रहे हैं। केन्द्र सरकार जल जीवन मिशन को 2028 तक जारी रखने पर विचार कर रही है।

ग्रामीण भारत में 24.80 लाख से अधिक महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट का उपयोग करके पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। कुल 2.63 लाख से अधिक गांवों को उनकी संबंधित ग्राम सभाओं द्वारा ‘हर घर जल’ की सुविधा से लैस घोषित किया गया है, जोकि सामुदायिक स्वामित्व को दर्शाता है।

वहीं, भारत के 81.01 प्रतिशत से अधिक गांवों को कवर करने वाले 15.69 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों को अब नल के पानी के कनेक्शन मिल रहे हैं। यह मिशन सामूहिक संकल्प और निरंतर प्रयास का एक अद्भुत प्रमाण है। इसके परिवर्तनकारी प्रभाव को देखते हुए, इस मिशन का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे हर ग्रामीण घर तक पहुंच सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।