प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया। इस मौके को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बताया आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक
सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘सेवा तीर्थ’ का अनावरण एक ऐतिहासिक पल है। उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में बढ़ते कदम का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति के अनुसार, यह पहल भारत को अतीत के प्रतीकों और औपनिवेशिक विरासत से आगे ले जाकर सेवा और कर्तव्य पर आधारित आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देती है।
अमित शाह बोले- जनसेवा को सर्वोपरि रखने की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में जनसेवा को सर्वोपरि रखने की दिशा में यह दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने लिखा कि ‘सेवा तीर्थ’ पिछले 11 वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा-भाव से चल रही सरकार के संकल्प का प्रतीक है। हर देशवासी तक विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कर विकसित व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में यह मील का पत्थर साबित होगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया आधुनिक कार्य-संस्कृति की शुरुआत
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन नए भारत की आधुनिक कार्य-संस्कृति के एक गौरवशाली अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह परिसर अत्याधुनिक कार्यालय होने के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन का जीवंत स्वरूप है, जहां सेवा को सबसे पवित्र कर्तव्य माना गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय का एक ही छत के नीचे आना शासन प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाएगा।
मनोहर लाल ने गिनाईं ‘सेवा तीर्थ’ की विशेषताएं
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक्स पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित किया है। उन्होंने बताया कि इस आधुनिक परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एकीकृत रूप से कार्य करेंगे। पेपरलेस कार्य-संस्कृति, डिजिटल अभिलेखागार और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस कक्षों से सुसज्जित यह परिसर प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव और बेहतर समन्वय का प्रतीक है। (इनपुट: आईएएनएस)


