प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के लेख को साझा करते हुए कहा कि “नारी शक्ति” भारत के भविष्य के केंद्र में है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर रहा है, नारी सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन बन चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि मिशन शक्ति के तहत सरकार महिलाओं के लिए गरिमा और अवसर सुनिश्चित कर रही है, जिसमें वन-स्टॉप सेंटर, फास्ट-ट्रैक कोर्ट, हेल्पलाइन और सामाजिक सुरक्षा केंद्र शामिल हैं। उन्होंने लोगों से केंद्रीय मंत्री का लेख पढ़ने का आग्रह किया और इसे “समझदारीपूर्ण आत्मावलोकन” बताया।
अन्नपूर्णा देवी ने अपने लेख में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने मिशन शक्ति के तहत अब तक हुए प्रगति का उल्लेख किया और बताया कि 864 वन-स्टॉप सेंटरों ने 2015 से अब तक 12.67 लाख से अधिक महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी, आश्रय और परामर्श सहायता प्रदान की है। साथ ही, 181 महिला हेल्पलाइन, जो 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है, ने अब तक 93 लाख से अधिक महिलाओं की मदद की है।
लेख में यह भी बताया गया कि 745 फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट, जिनमें 404 पीओसीएसओ कोर्ट शामिल हैं, ने 3 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है। पुलिस थानों में महिलाओं के लिए हेल्प डेस्क, मानव तस्करी विरोधी यूनिट और निर्भया योजना के तहत परिवहन सुरक्षा उपाय महत्वपूर्ण हस्तक्षेप के रूप में शामिल हैं। इसके अलावा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने वाले सखी निवास जैसी योजनाओं से महिलाओं को शिक्षा, मातृत्व सहायता और सुरक्षा मिल रही है। SANKALP हब्स के माध्यम से अब तक 27 लाख से अधिक महिलाओं को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं से जोड़ा गया है।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिलाएं भारत के “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं और मिशन शक्ति सरकार की कार्यप्रणाली को महिलाओं के सशक्तिकरण के केंद्र में रखकर बदल रहा है। पीएम मोदी ने भी अपने संदेश में इसे सही ठहराया और बताया कि नारी शक्ति अब केवल विचार नहीं बल्कि हर स्तर पर लागू होने वाला मिशन बन चुका है।-(PIB)


