पीएम मोदी ने शनिवार को रिमोट का बटन दबाकर 42 हजार करोड़ रुपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने 24,000 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य 100 आकांक्षी जिलों में कृषि उत्पादन, सिंचाई, क्रेडिट, क्रॉप डायवर्सिफिकेशन और पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट में सुधार है।
11,440 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ को लॉन्च किया गया
इसके अलावा, 11,440 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ को लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य दलहन उत्पादकता के स्तर में सुधार, दलहन की खेती के रकबे का विस्तार, सप्लाई चेन को मजबूत करना और नुकसान को कम करना सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 5,450 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। साथ ही, लगभग 815 करोड़ रुपए की अतिरिक्त परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई।
आज देश का मिजाज कुछ इस तरह बन गया है कि हम कुछ उपलब्धियों से ही संतुष्ट नहीं हो सकते हैं
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कहा कि आज देश का मिजाज कुछ इस तरह बन गया है कि हम कुछ उपलब्धियों से ही संतुष्ट नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमें विकसित बनने के लिए हर क्षेत्र में लगातार बेहतर करना होगा। सुधार करना ही होगा। इसी सोच का प्रमाण पीएम धन-धान्य कृषि योजना है। इस योजना की प्रेरणा आकांक्षी जिला योजना का सफलता बनी है।” उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिले अब कई पैरामीटर्स में दूसरे जिलों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “इस योजना में हम 36 सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ रहे हैं
उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए 100 जिलों का चयन बहुत सोच-समझकर किया गया है। खेत से होने वाली पैदावार, एक खेत में कितनी बार खेती होती है, किसानों को लोन या निवेश की सुविधा कितनी मात्रा में है, तीन पैरामीटर के आधार पर जिलों का चयन किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, “इस योजना में हम 36 सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ रहे हैं। इस योजना के तहत पशुधन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर युवा अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी होगी।
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन केवल दाल उत्पादन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने का अभियान है
अपनी बात पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि युवा साथी किसानों के साथ मिलकर देश के 100 जिलों में खेती की तस्वीर बदल देंगे। जैसे ही किसी गांव में खेती की तस्वीर बदली, पूरे गांव की इकोनॉमी बदल जाएगी।” ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि यह केवल दाल उत्पादन बढ़ाने का मिशन नहीं है, बल्कि हमारी भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने का भी अभियान है। इस मिशन से देश के 2 करोड़ दाल किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा, “बीते 11 वर्षों में खेती का बजट करीब 6 गुना बढ़ गया है और इस बढ़े हुए बजट का सबसे अधिक फायदा हमारे छोटे किसानों को हुआ है।”(इनपुट-आईएएनएस)


