प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नामीबिया से बुधवार को भारत के लिए रवाना हो गए हैं। पांच देशों की बहुपक्षीय व द्विपक्षीय यात्राओं के जरिए वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को नई मजबूती प्राप्त हुई है।

आपको बता दें, 2 जुलाई से 9 जुलाई तक, प्रधानमंत्री मोदी ने घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील और नामीबिया सहित पांच देशों का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी ब्राज़ील में BRICS शिखर सम्मेलन में भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी नामीबिया की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद आज दिल्ली के लिए रवाना हुए। पीएम मोदी ने विश्वास जताया है कि 5 देशों की उनकी यात्राएं वैश्विक दक्षिण में भारत के बंधन और मित्रता को मजबूत करेंगी। इसके अलावा, अटलांटिक के दोनों किनारों पर साझेदारी को मजबूत करेंगी और ब्रिक्स, अफ्रीकी संघ, ECOWAS और CARICOM जैसे बहुपक्षीय प्लेटफार्मों में जुड़ाव को गहरा करेंगी।

नामीबिया में भारतीय समुदाय को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां की संसद को संबोधित किया। पीएम मोदी ने नामीबिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और नामीबिया में बहुत कुछ समान है। हम दोनों ने औपनिवेशिक शासन का विरोध किया। हम दोनों ही सम्मान और स्वतंत्रता को महत्व देते हैं। हमारा संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय को बनाए रखने की वकालत करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम वैश्विक दक्षिण का हिस्सा हैं और हमारे लोगों की आशाएं और सपने एक जैसे हैं। भारत नामीबिया के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को बहुत महत्व देता है। हम न सिर्फ अपने अतीत के संबंधों को महत्व देते हैं, बल्कि अपने साझा भविष्य की संभावनाओं को भी साकार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें खुशी है कि नामीबिया भारत की यूपीआई तकनीक अपनाने वाला पहला देश है। लोग इसके जरिये तेज गति से पैसे भेज पाएंगे। हमारा द्विपक्षीय व्यापार 80 करोड़ डॉलर को पार कर गया है, लेकिन क्रिकेट के मैदान की तरह हम अभी तैयारी कर रहे हैं। हम तेजी से और ज्यादा रन बनाएंगे। हमें उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से नामीबिया के युवाओं का समर्थन करने का सौभाग्य प्राप्त है। यह एक ऐसा स्थान होगा, जहां व्यावसायिक सपनों को पूरा करने का मौका मिलेगा। भारत आज अपने विकास के साथ ही दुनिया के सपनों को भी दिशा दे रहा है और इसमें भी हमारा जोर ग्लोबल साउथ पर है। यह भारत का संदेश है कि आप अपने रास्ते पर चलकर अपनी संस्कृति और गरिमा के साथ सफलता पा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत उन्नत कैंसर देखभाल के लिए नामीबिया को भाभाट्रॉन रेडियोथेरेपी मशीन उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। भारत में विकसित इस मशीन का इस्तेमाल 15 देशों में किया जा चुका है और इसने विभिन्न देशों में पांच लाख से ज्यादा गंभीर कैंसर रोगियों की मदद की है। हम नामीबिया को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं तक पहुंच के लिए जन औषधि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित करते हैं।

पीएम मोदी ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत भारत में दवाओं की लागत में 50-80 प्रतिशत की कमी आई है। यह प्रतिदिन 10 लाख से ज्यादा भारतीयों की मदद कर रहा है। अब तक इसने मरीजों को स्वास्थ्य देखभाल पर लगभग 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर की बचत करने में मदद की है।

वहीं, नामीबिया की संसद को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सांसदों से बातचीत की। उन्होंने एक्स पर कहा कि नामीबिया की संसद को संबोधित करने के बाद, वहां के सांसदों से बातचीत की। भारत के प्रति उनकी सकारात्मकता साफ़ दिखाई दे रही है!

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