प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बुधवार को अदीस अबाबा में अदवा विजय स्मारक पर पुष्पचक्र समर्पित करके श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक उन बहादुर इथियोपियाई सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने 1896 में अदवा की लड़ाई में अपने राष्ट्र की संप्रभुता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। यह स्मारक अदवा के नायकों के अदम्य उत्साह और देश की स्वतंत्रता, गरिमा और मजबूती की गौरवशाली विरासत के लिए सम्मान स्वरूप है।
प्रधानमंत्री मोदी का इस स्मारक का दौरा भारत और इथियोपिया के बीच एक विशेष ऐतिहासिक संबंध को उजागर करता है जिसे दोनों देशों के लोग आज भी संजोकर रखते हैं।
वहीं एक विशेष सम्मान के तौर पर पीएम मोदी ने इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच जलवायु और भावना में घनिष्ठता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अफ्रीकी राष्ट्र के विकास और समृद्धि में भारतीय शिक्षकों के योगदान को याद किया।
भारत और इथियोपिया के बीच सभ्यतागत संबंधों को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश प्राचीन ज्ञान और आधुनिक महत्वाकांक्षा का संगम हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने उल्लेख किया कि भारत का राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” और इथियोपिया का राष्ट्रीय गान दोनों ही अपनी भूमि को माता के रूप में संबोधित करते हैं।
पीएम मोदी दोनों देशों के साझा संघर्ष का जिक्र किया और कहा कि 1941 में इथियोपिया की मुक्ति के लिए इथियोपियाई लोगों के साथ लड़ने वाले भारतीय सैनिकों के योगदान को उजागर किया। उन्होंने कहा कि इथियोपिया के लोगों के बलिदानों का प्रतीक अदवा विजय स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करना उनके लिए सम्मान की बात है।


